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अब आर्बिट्रेटर निपटाएगा सड़क निर्माण का विवाद
Updated Thu, 21 Sep 2017 02:11 AM IST
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नैनीताल। हाइकोर्ट ने टनकपुर-जौलजीबी सड़क निर्माण का विवाद आर्बिट्रेटर (मध्यस्थ) के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए याचिका निस्तारित कर दी है। यह सड़क सामरिक और पंचेश्वर बांध परियोजना के लिहाज भी से काफी महत्वपूर्ण है। इसके निर्माण में करीब 123 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने उसे भारत-नेपाल सीमा तक बनने वाली टनकपुर-जौलजीबी सड़क के निर्माण का टेंडर 3 जनवरी 2017 को आवंटित किया था। याची के अनुसार उसने आधा से अधिक सड़क निर्माण का कार्य पूरा भी कर दिया था, लेकिन पिछले माह बिना किसी सूचना के उससे सड़क निर्माण का कार्य वापस ले लिया गया। पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने इस प्रकरण को आर्बिट्रेटर के पास भेजने के आदेश दिए हैं।
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न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी ने हाइकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने उसे भारत-नेपाल सीमा तक बनने वाली टनकपुर-जौलजीबी सड़क के निर्माण का टेंडर 3 जनवरी 2017 को आवंटित किया था। याची के अनुसार उसने आधा से अधिक सड़क निर्माण का कार्य पूरा भी कर दिया था, लेकिन पिछले माह बिना किसी सूचना के उससे सड़क निर्माण का कार्य वापस ले लिया गया। पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने इस प्रकरण को आर्बिट्रेटर के पास भेजने के आदेश दिए हैं।
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