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सिंचाई नहरें क्षतिग्र्स्त, शासन में लंबित हैं प्रस्ताव
Updated Mon, 16 Apr 2018 01:36 AM IST
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हल्द्वानी। शहर की गौला नदी के दोनों ओर के इलाकों में सिंचाई की कई नहरें क्षतिग्रस्त हैं। सिंचाई विभाग ने इनकी मरम्मत का प्रस्ताव एक साल पहले शासन को भेजा था, जिसे अब तक मंजूरी नहीं मिली। परेशान क्षेत्रवासियों ने नहरों की मरम्मत की मांग उठाई है।
नहरें क्षतिग्रस्त होने से किसानी एक साल से परेशान हैं। वह सिंचाई के लिए किसी तरह से क्षतिग्रस्त नहरों से पानी की व्यवस्था करते हैं। गौलापार के कई गांवों के किसानों को नहरों की मरम्मत नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान राजेंद्र सिंह चुफाल, बालम सिंह, तारा बिष्ट, बसंत राम, डूंगर सिंह आदि का कहना है कि उन्हें बुवाई के समय हर बार परेशान होना पड़ रहा है। अब गेहूं की फसल के बाद मक्का और धान की फसल के लिए सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। नहरों की मरम्मत करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द नहरों की मरम्मत करने की मांग की है।
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एक साल पहले भेजा था प्रस्ताव
क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत के लिए एक साल पहले शासन को 51.25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन मंजूरी नहीं मिलने के कारण मरम्मत नहीं हो पा रही है। जैसे ही प्रस्ताव पास होगा, मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा।
तरुण बंसल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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नहरें क्षतिग्रस्त होने से किसानी एक साल से परेशान हैं। वह सिंचाई के लिए किसी तरह से क्षतिग्रस्त नहरों से पानी की व्यवस्था करते हैं। गौलापार के कई गांवों के किसानों को नहरों की मरम्मत नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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किसान राजेंद्र सिंह चुफाल, बालम सिंह, तारा बिष्ट, बसंत राम, डूंगर सिंह आदि का कहना है कि उन्हें बुवाई के समय हर बार परेशान होना पड़ रहा है। अब गेहूं की फसल के बाद मक्का और धान की फसल के लिए सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। नहरों की मरम्मत करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने जल्द से जल्द नहरों की मरम्मत करने की मांग की है।
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एक साल पहले भेजा था प्रस्ताव
क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत के लिए एक साल पहले शासन को 51.25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन मंजूरी नहीं मिलने के कारण मरम्मत नहीं हो पा रही है। जैसे ही प्रस्ताव पास होगा, मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा।
तरुण बंसल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग