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नगर निगम की सुनवाई पूरी
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:27 AM IST
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हल्द्वानी। गांवों को नगर निगम में शामिल करने को लेकर हुई सुनवाई पूरी हो चुकी है। जिलाधिकारी की ओर से दो दिन में पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। एक गांव के कुछ हिस्से को छोड़कर सभी गांव निगम में शामिल किए जा सकते हैं।
सोमवार को जिला सहकारी बैंक के सभागार में कमेटी के सदस्यों ने आपत्तियों को सुना। आपत्तिकर्ताओं ने गांव में कृषि योग्य भूमि अधिक होने की बात कही लेकिन तर्क नहीं दे पाए। आपत्तिकर्ताओं ने कहा कि उनके गांव में सफाई, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था शहर से अच्छी है। उन्हें सीवर लाइन की जरूरत नहीं है। उन्होंने गांव के किसानों को बचाने की बात भी रखी। इस दौरान सीडीओ प्रकाश चंद, नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया, एसडीएम एपी वाजपेई, ब्लॉक प्रमुख भोला भट्ट, ग्राम प्रधान भागीरथी देवी आदि मौजूद रहे।
जीतपुर नेगी को हटाने की मांग
जीतपुर नेगी के ग्राम प्रधान महेश शर्मा ने कहा कि उनके गांव को नगर निगम में शामिल कर लिया गया है। लेकिन कुछ हिस्से को वन विभाग की जमीन बताते हुए इसे निगम सीमा में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने पूरे जीतपुर नेगी को निगम में लेने या निगम की सीमा से बहार रखने की मांग की।
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गौजाजाली गांव का एक हिस्सा निगम से हटेगा
गौजाजाली दक्षिण गांव का एक हिस्सा नगर निगम से हट सकता है। सूत्रों की मानें तो शासन से टीम पर दबाव है कि निगम सीमा से कोई भी गांव नहीं हटाया जाए। लेकिन टीम इस बात का परीक्षण करा रही है कि यह गांव को हटाने से निगम की सीमा में कितना अंतर आएगा। अधिकारी दिन भर इसी बात का मंथन भी करते रहे। यह गांव नगर निगम सीमा के सबसे किनारे है और इसकी आबादी करीब 300 है। इसके हट जाने से निगम की सीमा में कोई अधिक अंतर नहीं आएगा। इसलिए गांव का यह हिस्सा हटाया जा सकता है।
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सोमवार को जिला सहकारी बैंक के सभागार में कमेटी के सदस्यों ने आपत्तियों को सुना। आपत्तिकर्ताओं ने गांव में कृषि योग्य भूमि अधिक होने की बात कही लेकिन तर्क नहीं दे पाए। आपत्तिकर्ताओं ने कहा कि उनके गांव में सफाई, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था शहर से अच्छी है। उन्हें सीवर लाइन की जरूरत नहीं है। उन्होंने गांव के किसानों को बचाने की बात भी रखी। इस दौरान सीडीओ प्रकाश चंद, नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया, एसडीएम एपी वाजपेई, ब्लॉक प्रमुख भोला भट्ट, ग्राम प्रधान भागीरथी देवी आदि मौजूद रहे।
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जीतपुर नेगी को हटाने की मांग
जीतपुर नेगी के ग्राम प्रधान महेश शर्मा ने कहा कि उनके गांव को नगर निगम में शामिल कर लिया गया है। लेकिन कुछ हिस्से को वन विभाग की जमीन बताते हुए इसे निगम सीमा में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने पूरे जीतपुर नेगी को निगम में लेने या निगम की सीमा से बहार रखने की मांग की।
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गौजाजाली गांव का एक हिस्सा निगम से हटेगा
गौजाजाली दक्षिण गांव का एक हिस्सा नगर निगम से हट सकता है। सूत्रों की मानें तो शासन से टीम पर दबाव है कि निगम सीमा से कोई भी गांव नहीं हटाया जाए। लेकिन टीम इस बात का परीक्षण करा रही है कि यह गांव को हटाने से निगम की सीमा में कितना अंतर आएगा। अधिकारी दिन भर इसी बात का मंथन भी करते रहे। यह गांव नगर निगम सीमा के सबसे किनारे है और इसकी आबादी करीब 300 है। इसके हट जाने से निगम की सीमा में कोई अधिक अंतर नहीं आएगा। इसलिए गांव का यह हिस्सा हटाया जा सकता है।