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यूथ कप पर दिल्ली का कब्जा
Updated Mon, 02 Oct 2017 01:51 AM IST
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हल्द्वानी। सेवन साइड ऑल इंडिया यूथ फुटबाल कप पर दिल्ली ने कब्जा कर लिया है। फाइनल मुकाबले में हल्द्वानी यूथ क्लब को दिल्ली ने 3-1 से शिकस्त दी। मैच के श्रेष्ठ खिलाड़ी हंस क्लब दिल्ली के आशिक, जबकि श्रेष्ठ गोलकीपर दिल्ली के सत्यम चुने गए। बेस्ट डिफेंडर यूथ क्लब के तन्मय और फेयर प्लेयर का खिताब मामा भांजा क्लब हल्द्वानी को मिला।
रविवार को यूथ क्लब हल्द्वानी की ओर से आयोजित ऑल इंडिया फुटबाल टूर्नामेंट का फाइनल आईटीआई मैदान पर दिल्ली और यूथ क्लब के बीच खेला गया। मैच शुरू होते ही दिल्ली के खिलाड़ियों ने मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। उनके आक्रमण के आगे हल्द्वानी का डिफेंस बौना नजर आया। मैच के 40 वें मिनट में दिल्ली के अमन ने हल्द्वानी के डिफेंडरों को चकमा देकर बेहतरीन गोल दागा। इस गोल के साथ टीम का स्कोर 1-0 हो गया, इसके थोड़ी देर बाद अमन ने दूसरा गोल दागकर टीम की बढ़त 2-0 कर दी। इस गोल के साथ दर्शक दीर्घा में बड़ी संख्या में मौजूद हल्द्वानी टीम के समर्थकों में सन्नाटा छा गया। इधर मैदान पर दिल्ली की बढ़त से हल्द्वानी के खिलाड़ी दबाव में नजर आए। इस बीच मौके का फायदा उठाते हुए केन ने एक और गोल करके दिल्ली की बढ़त 3-0 कर दी। हालांकि मैच के अंतिम समय में हल्द्वानी के सचिन ने बेहतरीन पास पर दिल्ली की रक्षापंक्ति को छकाते हुए गोल किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रेफरी के मैच समाप्ति की सीटी बजाते ही दिल्ली की पूरी टीम मैदान पर आ गई और खिलाड़ी एक के ऊपर एक खुशी से कूद गए। इससे पहले रंगारंग कार्यक्रम और कुछ मनोरंजक खेल हुए जिसमें महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। मैच के मुख्य अतिथि मंडी समिति के सभापति सुमित हृदयेश थे। मुख्य निर्णायक की भूमिका में महेंद्र सिंह फरस्वान ओर सहायक निर्णायक की भूमिका में गोपाल, सलीम, किशोर पाल और आनंद देव थे। मैच कमिश्नर शंकर लाल जी थे। इस दौरान यूथ क्लब के संरक्षक मुकेश बिष्ट, ललित मेहरा, शरद अग्रवाल, पारस साह, त्रिलोक राठौर, धीरज वर्मा, योगेश जोशी, पंकज पाण्डेय, देवेंद्र बिष्ट, हृदयेश, हरीश, रजा बंगाली, जितेंद्र, दयाल और विजय बिष्ट मौजूद थे।
व्हील चेयर पर मैच विनर
दिल्ली की इस जीत में एक शख्स का बहुत बड़ा योगदान है और वह कोई और नहीं दिल्ली के कोच गुलवीर भाटी। व्हील चेयर पर होने के बावजूद इस शख्स ने टीम को जबरदस्त ट्रेंड किया है। गुलवीर खुद फुटबाल के बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं। डिफेंडर के रूप में खेलते हुए उन्होंने दिल्ली को कई खिताब जिताने में मदद भी की है लेकिन 2001 में हुए एक हादसे में उनके दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हो गए। डॉक्टरों ने बताया कि वह अब कभी फुटबाल नहीं खेल पाएंगे। शुरूआत में वह अवसाद में चले गए, लेकिन फिर उनकी पत्नी ने उन्हें समझाया और 2006 में वह मैदान पर लौटे, खिलाड़ी नहीं बल्कि कोच के रूप में। मैच प्रेक्टिस के दौरान वह अपनी व्हील चेयर से ही खिलाड़ियों को एक-एक क्षण के बारे में बताते हैं।
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रविवार को यूथ क्लब हल्द्वानी की ओर से आयोजित ऑल इंडिया फुटबाल टूर्नामेंट का फाइनल आईटीआई मैदान पर दिल्ली और यूथ क्लब के बीच खेला गया। मैच शुरू होते ही दिल्ली के खिलाड़ियों ने मैच पर अपनी पकड़ बना ली थी। उनके आक्रमण के आगे हल्द्वानी का डिफेंस बौना नजर आया। मैच के 40 वें मिनट में दिल्ली के अमन ने हल्द्वानी के डिफेंडरों को चकमा देकर बेहतरीन गोल दागा। इस गोल के साथ टीम का स्कोर 1-0 हो गया, इसके थोड़ी देर बाद अमन ने दूसरा गोल दागकर टीम की बढ़त 2-0 कर दी। इस गोल के साथ दर्शक दीर्घा में बड़ी संख्या में मौजूद हल्द्वानी टीम के समर्थकों में सन्नाटा छा गया। इधर मैदान पर दिल्ली की बढ़त से हल्द्वानी के खिलाड़ी दबाव में नजर आए। इस बीच मौके का फायदा उठाते हुए केन ने एक और गोल करके दिल्ली की बढ़त 3-0 कर दी। हालांकि मैच के अंतिम समय में हल्द्वानी के सचिन ने बेहतरीन पास पर दिल्ली की रक्षापंक्ति को छकाते हुए गोल किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रेफरी के मैच समाप्ति की सीटी बजाते ही दिल्ली की पूरी टीम मैदान पर आ गई और खिलाड़ी एक के ऊपर एक खुशी से कूद गए। इससे पहले रंगारंग कार्यक्रम और कुछ मनोरंजक खेल हुए जिसमें महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। मैच के मुख्य अतिथि मंडी समिति के सभापति सुमित हृदयेश थे। मुख्य निर्णायक की भूमिका में महेंद्र सिंह फरस्वान ओर सहायक निर्णायक की भूमिका में गोपाल, सलीम, किशोर पाल और आनंद देव थे। मैच कमिश्नर शंकर लाल जी थे। इस दौरान यूथ क्लब के संरक्षक मुकेश बिष्ट, ललित मेहरा, शरद अग्रवाल, पारस साह, त्रिलोक राठौर, धीरज वर्मा, योगेश जोशी, पंकज पाण्डेय, देवेंद्र बिष्ट, हृदयेश, हरीश, रजा बंगाली, जितेंद्र, दयाल और विजय बिष्ट मौजूद थे।
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व्हील चेयर पर मैच विनर
दिल्ली की इस जीत में एक शख्स का बहुत बड़ा योगदान है और वह कोई और नहीं दिल्ली के कोच गुलवीर भाटी। व्हील चेयर पर होने के बावजूद इस शख्स ने टीम को जबरदस्त ट्रेंड किया है। गुलवीर खुद फुटबाल के बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं। डिफेंडर के रूप में खेलते हुए उन्होंने दिल्ली को कई खिताब जिताने में मदद भी की है लेकिन 2001 में हुए एक हादसे में उनके दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हो गए। डॉक्टरों ने बताया कि वह अब कभी फुटबाल नहीं खेल पाएंगे। शुरूआत में वह अवसाद में चले गए, लेकिन फिर उनकी पत्नी ने उन्हें समझाया और 2006 में वह मैदान पर लौटे, खिलाड़ी नहीं बल्कि कोच के रूप में। मैच प्रेक्टिस के दौरान वह अपनी व्हील चेयर से ही खिलाड़ियों को एक-एक क्षण के बारे में बताते हैं।
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