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चुनाव
Updated Sun, 04 Nov 2018 10:37 PM IST
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चुनाव से कोसों दूर है भतरौंजखान
नगर पंचायत का दर्जा देने के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका खारिज
-कोर्ट के स्थगन आदेश के हटने के बाद भी प्रशासन ने आगे नहीं की कार्यवाही
-मतदाता सूची तैयार न होने से नहीं हो सकते हैं चुनाव: एसडीएम
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। भतरौंजखान को नगर पंचायत का दर्जा देने पर हाईकोर्ट की रोक के हटने के बाद भी स्थिति जस की तस है। नगर पंचायत होने के बाद भी भतरौंजखान में चुनाव की भी कोई सुगबुगाहट नहीं है। उपजिलाधिकारी का कहना है कि मतदाता सूची न होने के कारण यहां चुनाव फिलहाल नहीं कराए जा सकते।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भतरौंजखान को नगर निकाय का दर्जा देने का शासनादेश जारी हुआ था। ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने के विरोध में ग्राम प्रधान सहित कुछ लोगाें ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बीडी उपाध्याय ने बताया कि 24 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने इस संबंध में दायर पीआईएल को खारिज कर दिया था। अधिवक्ता के मुताबिक ऐसे में भतराैंजखान में प्रदेश सरकार चाहे तो नगर पंचायत के चुनाव करा सकती है।
इससे उलट, भतरौंजखान में इस समय चुनाव की कोई सुगबुगाहट नहीं है। कारण यह भी है कि हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को आधार बनाकर यहां अभी तक निर्वाचन की तैयारी की ही नहीं गई। जानकारी के मुताबिक भतरौंजखान में मतदाता सूची नहीं बन सकी है। अगर सरकार यहां चुनाव कराएगी तो इसके लिए उसे भविष्य में नया चुनाव कार्यक्रम घोषित करना पड़ेगा। भिकियासैंण के उपजिलाधिकारी गौरव चटवाल के मुताबिक मतदाता सूची न होने की वजह से भतरौंजखान में चुनाव नहीं कराए जा सकते। भतरौंजखान को नगर पंचायत बनाने का शासनादेश 16 दिसंबर, 2016 में जारी किया गया था। इस हिसाब से देखा जाए तो भतरौंजखान इस समय नगर पंचायत है, लेकिन चुनाव से कोसों दूर है।
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नगर पंचायत का दर्जा देने के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका खारिज
-कोर्ट के स्थगन आदेश के हटने के बाद भी प्रशासन ने आगे नहीं की कार्यवाही
-मतदाता सूची तैयार न होने से नहीं हो सकते हैं चुनाव: एसडीएम
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। भतरौंजखान को नगर पंचायत का दर्जा देने पर हाईकोर्ट की रोक के हटने के बाद भी स्थिति जस की तस है। नगर पंचायत होने के बाद भी भतरौंजखान में चुनाव की भी कोई सुगबुगाहट नहीं है। उपजिलाधिकारी का कहना है कि मतदाता सूची न होने के कारण यहां चुनाव फिलहाल नहीं कराए जा सकते।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भतरौंजखान को नगर निकाय का दर्जा देने का शासनादेश जारी हुआ था। ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने के विरोध में ग्राम प्रधान सहित कुछ लोगाें ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बीडी उपाध्याय ने बताया कि 24 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने इस संबंध में दायर पीआईएल को खारिज कर दिया था। अधिवक्ता के मुताबिक ऐसे में भतराैंजखान में प्रदेश सरकार चाहे तो नगर पंचायत के चुनाव करा सकती है।
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इससे उलट, भतरौंजखान में इस समय चुनाव की कोई सुगबुगाहट नहीं है। कारण यह भी है कि हाईकोर्ट के स्थगन आदेश को आधार बनाकर यहां अभी तक निर्वाचन की तैयारी की ही नहीं गई। जानकारी के मुताबिक भतरौंजखान में मतदाता सूची नहीं बन सकी है। अगर सरकार यहां चुनाव कराएगी तो इसके लिए उसे भविष्य में नया चुनाव कार्यक्रम घोषित करना पड़ेगा। भिकियासैंण के उपजिलाधिकारी गौरव चटवाल के मुताबिक मतदाता सूची न होने की वजह से भतरौंजखान में चुनाव नहीं कराए जा सकते। भतरौंजखान को नगर पंचायत बनाने का शासनादेश 16 दिसंबर, 2016 में जारी किया गया था। इस हिसाब से देखा जाए तो भतरौंजखान इस समय नगर पंचायत है, लेकिन चुनाव से कोसों दूर है।
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