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रकसिया नाले से आवासों को खतरा
Updated Sat, 04 Aug 2018 02:20 AM IST
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हल्द्वानी। बीते दिनों उफनाए रकसिया नाले से कई लोगों के आवासों को खतरा पैदा हो गया है। नाले की दीवारों के टूटने से कई लोगों के मकान खतरे की जद में हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को दौरा कर रकसिया नाले से हुए नुकसान का जायजा लिया।
रकसिया नाले के उफनाने से दमुवाढूंगा, बिठौरिया, छड़ायल सुयाल, छड़ायल नयाबाद, करायल चतुर सिंह, हल्दूपोखरा, प्रेमपुर लोशज्ञानी तक कई काश्तकारों की धान की फसल चौपट हो गई। कई लोगों के खेत बह गए और कई लोगों के आंगन की दीवारें टूट गईं। शुक्रवार को सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता नवीन चंद्र पांडे ने विभागीय अधिकारियों के साथ दमुवाढूंगा क्षेत्र में नुकसान का जायजा लिया। दमुवाढूंगा में चंबल पुल के पास निर्माणाधीन भवन स्वामी पूरन चंद्र बल्यूटिया ने बताया कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण उनके मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने दीवार निर्माण के नाम पर यहां बेतरतीब खनन कराया। इसमें करोड़ों रुपये का कारोबार हुआ जबकि ठेका मात्र 90 हजार रुपये में दिया गया था। इधर, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता नवीन चंद्र पांडे ने बताया कि नाले के किनारे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जहां दीवारें टूटी हैं, वहां दोबारा निर्माण कराया जाएगा।
रकसिया नाले को लेकर प्रशासन गंभीर है। अभी जलस्तर सामान्य है। जलस्तर बढ़ने पर क्षेत्रवासियों को अलर्ट किया जाएगा। तत्काल सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे।
- एपी बाजपेयी, उपजिलाधिकारी।
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रकसिया नाले के उफनाने से दमुवाढूंगा, बिठौरिया, छड़ायल सुयाल, छड़ायल नयाबाद, करायल चतुर सिंह, हल्दूपोखरा, प्रेमपुर लोशज्ञानी तक कई काश्तकारों की धान की फसल चौपट हो गई। कई लोगों के खेत बह गए और कई लोगों के आंगन की दीवारें टूट गईं। शुक्रवार को सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता नवीन चंद्र पांडे ने विभागीय अधिकारियों के साथ दमुवाढूंगा क्षेत्र में नुकसान का जायजा लिया। दमुवाढूंगा में चंबल पुल के पास निर्माणाधीन भवन स्वामी पूरन चंद्र बल्यूटिया ने बताया कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण उनके मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने दीवार निर्माण के नाम पर यहां बेतरतीब खनन कराया। इसमें करोड़ों रुपये का कारोबार हुआ जबकि ठेका मात्र 90 हजार रुपये में दिया गया था। इधर, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता नवीन चंद्र पांडे ने बताया कि नाले के किनारे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जहां दीवारें टूटी हैं, वहां दोबारा निर्माण कराया जाएगा।
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रकसिया नाले को लेकर प्रशासन गंभीर है। अभी जलस्तर सामान्य है। जलस्तर बढ़ने पर क्षेत्रवासियों को अलर्ट किया जाएगा। तत्काल सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे।
- एपी बाजपेयी, उपजिलाधिकारी।