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आईएसबीटी के लिए सुझाई भूमि
Updated Sat, 17 Mar 2018 02:08 AM IST
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हल्द्वानी। आईएसबीटी के लिए बनी कमेटी ने मुक्त विश्वविद्यालय के पास वन भूमि को सबसे उपयुक्त बताया है। शुक्रवार को देहरादून में हुई कमेटी की बैठक में चर्चा के बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। अब इस मामले में शासन को निर्णय लेना है।
आईएसबीटी को लेकर उपजे विवाद के बाद शासन ने परिवहन विभाग के एमडी बीके संत के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने हल्द्वानी पहुंचकर तीन जगह आईएसबीटी के लिए जमीन देखी थी। शुक्रवार को देहरादून में इस कमेटी की बैठक हुई। पुष्ट सूत्रों की मानें तो कमेटी ने मुक्त विश्वविद्यालय के पास की जमीन को सबसे उपयुक्त बताया है। इसी के साथ ही रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन को अब अंतिम निर्णय लेना है। शासन के निर्णय के बाद ही इस भूमि का प्रस्ताव बनाया जाएगा।
देहरादून में हुई बैठक में चर्चा के बाद शासन को भेजी गई रिपोर्ट
अब शासन को लेना है निर्णय
खर्च को बताया कम
गौलापार में बने आईएसबीटी के खर्च को कमेटी ने कम बताया है। सूत्रों की मानें तो कमेटी ने जो रिपोर्ट शासन को भेजी है उसमें कहा गया है कि निर्माणकर्ता कंपनी की ओर से बिना नक्शा मंजूर कराए वहां निर्माण कराया गया है। इसलिए कंपनी की ओर से दिए गए बिल का पूरा पैसा देना उचित नहीं है।
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आईएसबीटी हल्द्वानी के लिए समिति ने सौंपी रिपोर्ट
देहरादून (ब्यूरो)। आईएसबीटी हल्द्वानी के लिए रोडवेज के प्रबंध निदेशक बीके संत की अध्यक्षता में बनी समिति ने रिपोर्ट सचिव परिवहन को सौंप दी है। अब शासन रिपोर्ट के आधार पर आईएसबीटी के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर सकेगा। कैबिनेट ने हल्द्वानी के गौलापार में चयनित भूमि पर आईएसबीटी बनाने से मना कर दिया था, लेकिन कांग्रेस ने इसके खिलाफ मोर्चा खोला। मामला तूल पकड़ा तो शासन ने रोडवेज के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में एक बहुविभागीय समिति का गठन किया। इस समिति ने 17 फरवरी को आईएसबीटी के लिए जगह को देखा। समिति की रिपोर्ट में किसी जगह के लिए संस्तुति न होने की बात कही जा रही है। तीनों जगह आईएसबीटी बनाने के लाभ और नुकसान के बारे में केवल रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें शहर का विस्तारीकरण, वाहनों का दबाव, मौजूदा सड़क की चौड़ाई, संबंधित जगह पर पहुंचने के लिए सड़क बनाने पर होने वाले खर्च आदि की जानकारी है। इसके अलावा गौलापार में जहां पर आईएसबीटी का निर्माण किया जा रहा था, उस जगह पर हुए निर्माण कार्य और वास्तविक लागत के बारे में भी रिपोर्ट दी गई है।
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आईएसबीटी को लेकर उपजे विवाद के बाद शासन ने परिवहन विभाग के एमडी बीके संत के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने हल्द्वानी पहुंचकर तीन जगह आईएसबीटी के लिए जमीन देखी थी। शुक्रवार को देहरादून में इस कमेटी की बैठक हुई। पुष्ट सूत्रों की मानें तो कमेटी ने मुक्त विश्वविद्यालय के पास की जमीन को सबसे उपयुक्त बताया है। इसी के साथ ही रिपोर्ट शासन को भेज दी है। शासन को अब अंतिम निर्णय लेना है। शासन के निर्णय के बाद ही इस भूमि का प्रस्ताव बनाया जाएगा।
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देहरादून में हुई बैठक में चर्चा के बाद शासन को भेजी गई रिपोर्ट
अब शासन को लेना है निर्णय
खर्च को बताया कम
गौलापार में बने आईएसबीटी के खर्च को कमेटी ने कम बताया है। सूत्रों की मानें तो कमेटी ने जो रिपोर्ट शासन को भेजी है उसमें कहा गया है कि निर्माणकर्ता कंपनी की ओर से बिना नक्शा मंजूर कराए वहां निर्माण कराया गया है। इसलिए कंपनी की ओर से दिए गए बिल का पूरा पैसा देना उचित नहीं है।
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आईएसबीटी हल्द्वानी के लिए समिति ने सौंपी रिपोर्ट
देहरादून (ब्यूरो)। आईएसबीटी हल्द्वानी के लिए रोडवेज के प्रबंध निदेशक बीके संत की अध्यक्षता में बनी समिति ने रिपोर्ट सचिव परिवहन को सौंप दी है। अब शासन रिपोर्ट के आधार पर आईएसबीटी के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर सकेगा। कैबिनेट ने हल्द्वानी के गौलापार में चयनित भूमि पर आईएसबीटी बनाने से मना कर दिया था, लेकिन कांग्रेस ने इसके खिलाफ मोर्चा खोला। मामला तूल पकड़ा तो शासन ने रोडवेज के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में एक बहुविभागीय समिति का गठन किया। इस समिति ने 17 फरवरी को आईएसबीटी के लिए जगह को देखा। समिति की रिपोर्ट में किसी जगह के लिए संस्तुति न होने की बात कही जा रही है। तीनों जगह आईएसबीटी बनाने के लाभ और नुकसान के बारे में केवल रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें शहर का विस्तारीकरण, वाहनों का दबाव, मौजूदा सड़क की चौड़ाई, संबंधित जगह पर पहुंचने के लिए सड़क बनाने पर होने वाले खर्च आदि की जानकारी है। इसके अलावा गौलापार में जहां पर आईएसबीटी का निर्माण किया जा रहा था, उस जगह पर हुए निर्माण कार्य और वास्तविक लागत के बारे में भी रिपोर्ट दी गई है।