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तहसीलदार नहीं होने से अटके काम
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कोटद्वार में गत मार्च से खरीदी गई जमीनों की दाखिल खारिज की प्रक्रिया लंबित है। कोटद्वार में तैनात प्रभारी तहसीलदार का सेवाकाल एक साल पूरा न होने के कारण उन्हें अभी न्यायिक अधिकार नहीं दिए गए हैं, जिससे तहसीलदार कोर्ट के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। कोटद्वार तहसील में नायब तहसीलदार के दो पद भी रिक्त चल रहे हैं, जिससे दाखिल खारिज समेत भूमि संबंधी काम ठप पड़े हैं।
कोटद्वार तहसील जनपद की सबसे बड़ी और संवेदनशील तहसील है, लेकिन लंबे समय से कोटद्वार तहसील में स्थायी तहसीलदार की नियुक्ति नहीं हो पाई है। कोटद्वार तहसील प्रभारी तहसीलदार के भरोसे चल रही है। गत जून माह में प्रभारी तहसीलदार डबल सिंह के स्थान पर धुमाकोट से नायब तहसीलदार विकास अवस्थी को कोटद्वार तहसील के प्रभारी तहसीलदार का दायित्व सौंपा गया, लेकिन निर्धारित सेवाकाल पूरा न होने से उन्हें न्यायिक अधिकार प्रदान नहीं किए गए हैं। इसका असर कोटद्वार तहसील के अंतर्गत भूमि खरीदने वाले लोगों के दाखिल खारिज की प्रक्रिया में पड़ रहा है, जबकि नियमानुसार 45 दिन के भीतर दाखिल खारिज की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए। कोटद्वार तहसील में सामान्य दिनों में प्रतिदिन जमीनों की खरीद फरोख्त से संबंधित 30 से 35 रजिस्ट्री होती हैं। तहसील में करीब 300 दाखिल खारिज लंबित हैं। प्रभारी तहसीलदार विकास अवस्थी ने बताया कि उन्हें न्यायिक अधिकार न होने के कारण दाखिल खारिज की प्रक्रिया लंबित हैं। हाल यह है कि तहसील में नायब तहसीलदार के दोनों पद खाली हैं। यहां तैनात नायब तहसीलदार राजेंद्र पंत का रिखणीखाल स्थानांतरण हो गया है।
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पुराने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। सेवा नियमावली के अनुसार नए नायब तहसीलदारों का एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही उन्हें न्यायिक अधिकार दिए जा सकते हैं।
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डा. एसके बरनवाल, एडीएम पौड़ी
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कोटद्वार तहसील जनपद की सबसे बड़ी और संवेदनशील तहसील है, लेकिन लंबे समय से कोटद्वार तहसील में स्थायी तहसीलदार की नियुक्ति नहीं हो पाई है। कोटद्वार तहसील प्रभारी तहसीलदार के भरोसे चल रही है। गत जून माह में प्रभारी तहसीलदार डबल सिंह के स्थान पर धुमाकोट से नायब तहसीलदार विकास अवस्थी को कोटद्वार तहसील के प्रभारी तहसीलदार का दायित्व सौंपा गया, लेकिन निर्धारित सेवाकाल पूरा न होने से उन्हें न्यायिक अधिकार प्रदान नहीं किए गए हैं। इसका असर कोटद्वार तहसील के अंतर्गत भूमि खरीदने वाले लोगों के दाखिल खारिज की प्रक्रिया में पड़ रहा है, जबकि नियमानुसार 45 दिन के भीतर दाखिल खारिज की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए। कोटद्वार तहसील में सामान्य दिनों में प्रतिदिन जमीनों की खरीद फरोख्त से संबंधित 30 से 35 रजिस्ट्री होती हैं। तहसील में करीब 300 दाखिल खारिज लंबित हैं। प्रभारी तहसीलदार विकास अवस्थी ने बताया कि उन्हें न्यायिक अधिकार न होने के कारण दाखिल खारिज की प्रक्रिया लंबित हैं। हाल यह है कि तहसील में नायब तहसीलदार के दोनों पद खाली हैं। यहां तैनात नायब तहसीलदार राजेंद्र पंत का रिखणीखाल स्थानांतरण हो गया है।
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पुराने कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है। सेवा नियमावली के अनुसार नए नायब तहसीलदारों का एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ही उन्हें न्यायिक अधिकार दिए जा सकते हैं।
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डा. एसके बरनवाल, एडीएम पौड़ी