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धारे न होते तो प्यासे ही रह जाते...
अमर उजाला/पौड़ी।
Updated Fri, 10 Jun 2016 10:12 PM IST
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एक बाल्टी पानी के लिए सुबह से धारे पर लाइन लगानी पड़ती है। धारे न होते तो हमलोग प्यासे ही मर जाते। ये कहना है पौड़ीवासियों का। दरअसल, पेयजल संकट को दूर करने के लिए जल संस्थान और निगम कोई ठोस योजना नहीं बना पा रहा है। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को ही परेशानी झेलनी पड़ रही है। शुक्रवार को भी पानी की आपूर्ति न होने पर यही स्थिति रही।
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पौड़ी गांव, लक्ष्मी-नारायण मोहल्ला, विकास मार्ग, श्रीनगर रोड न्यू विकास कालोनी, अपर चोपड़ा, लोअर चोपड़ा, तिमली गांव, लोअर बाजार विकास कालोनी इत्यादि मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति नहीं हुई। सुबह से पानी की व्यवस्था में लोगों की धारों में लाइन लगी रही।
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पौड़ी धारे में पानी भरने के लिए लाइन में लगी पूनम देवी, रिंकी देवी, ऋषि बहुगुणा, अंजू ने कहा कि धारे न होते प्यासे मर जाते। जल संस्थान और निगम वाले तो एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल देते हैं। न्यू कालोनी लोअर बाजार निवासी विकास पटवाल, अमित बर्थवाल और राजेंद्र डोभाल ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बहुत कम पानी की आपूर्ति हो रही है। श्रीनगर रोड न्यू विकास कॉलोनी निवासी सुमनलता ध्यानी और शैलेंद्र भंडारी ने बताया कि सप्ताह में एक या दो दिन ही पानी आता है। पिछले कई दिन से पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है।
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कोट
हमें शहर में पानी वितरण के लिए 6 एमएलडी पानी की जरूरत है। लेकिन मिलता है करीब पांच एमएलडी। आजकल नानघाट से पानी ठप है इसके कारण सप्लाई में दिक्कत हो रही है। जल निगम वहां पर जितना जल्दी काम ठीक करा लेगा पानी की सप्लाई ठीक हो जाएगी।
- प्रवीन कुमार सैनी, ईई जल संस्थान
नानघाट पेयजल योजना पिछली दो जून को अतिवृष्टि के कारण ठप है। यहां पर फिल्टर में मलबा भर गया है। पाइप लाइन टूट गई है। इसे ठीक कराया जा रहा है। दो दिन में यहां से सप्लाई सुचारु हो जाएगी।
- मीशा सिन्हा, ईई जल निगम