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Kotdwar News: बड़कोट में धंस रही जमीन, खतरे में वार्ड सात की आबादी और सड़कें
Tue, 25 Aug 2026 06:04 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 25 Aug 2026 06:04 PM IST
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यमुना के कटाव से हो रहा है भू-धंसाव
बड़कोट। नगर पालिका के संवेदनशील वार्ड नंबर सात की तलहटी में जमीन लगातार धंसने से आबादी पर खतरा मंडराने लगा है। पुरानी तहसील के नीचे भू-धंसाव तेजी से बढ़ रहा है। पुरानी तहसील से भद्री मोहल्ले तक फैले इस क्षेत्र में मकानों, रास्तों और नालियों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। यमुना नदी के लगातार कटाव को भू-धंसाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
वर्ष 2010 की आपदा के बाद से यह इलाका भूस्खलन की समस्या से जूझ रहा है। अब कई स्थानों पर मकानों में दरारें पड़ने के साथ रास्ते और नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नालियों के टूटने से पानी घरों में घुस रहा है जिससे जमीन के कमजोर होने का खतरा और बढ़ रहा है। भूस्खलन का असर राष्ट्रीय राजमार्ग और तिलाड़ी मोटर मार्ग पर भी पड़ने लगा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निचले हिस्से में यमुना के कटाव को नहीं रोका गया तो भू-धंसाव और बढ़ सकता है और भविष्य में आबादी के साथ सड़क भी बड़े खतरे में आ सकती है। उन्होंने तत्काल स्थलीय निरीक्षण, भू-वैज्ञानिक सर्वे और स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की है। नगरपालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल ने बताया कि यमुना कटाव को नियंत्रित करने के लिए विस्तृत डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है।
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बड़कोट। नगर पालिका के संवेदनशील वार्ड नंबर सात की तलहटी में जमीन लगातार धंसने से आबादी पर खतरा मंडराने लगा है। पुरानी तहसील के नीचे भू-धंसाव तेजी से बढ़ रहा है। पुरानी तहसील से भद्री मोहल्ले तक फैले इस क्षेत्र में मकानों, रास्तों और नालियों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। यमुना नदी के लगातार कटाव को भू-धंसाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
वर्ष 2010 की आपदा के बाद से यह इलाका भूस्खलन की समस्या से जूझ रहा है। अब कई स्थानों पर मकानों में दरारें पड़ने के साथ रास्ते और नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नालियों के टूटने से पानी घरों में घुस रहा है जिससे जमीन के कमजोर होने का खतरा और बढ़ रहा है। भूस्खलन का असर राष्ट्रीय राजमार्ग और तिलाड़ी मोटर मार्ग पर भी पड़ने लगा है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निचले हिस्से में यमुना के कटाव को नहीं रोका गया तो भू-धंसाव और बढ़ सकता है और भविष्य में आबादी के साथ सड़क भी बड़े खतरे में आ सकती है। उन्होंने तत्काल स्थलीय निरीक्षण, भू-वैज्ञानिक सर्वे और स्थायी सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की है। नगरपालिका अध्यक्ष विनोद डोभाल ने बताया कि यमुना कटाव को नियंत्रित करने के लिए विस्तृत डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है।
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