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लोनिवि की सात और पीएमजीएसवाई की छह सड़कें बाधित
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पीएमजीएसवाई की ओर से कोटद्वार-दुगड्डा के बीच निर्माणाधीन आमसौड़-धरियालसार मार्ग का मलबा बारिश के साथ बहकर हाईवे पर आ रहा है जिससे आमसौड़ के निचले इलाके की आबादी को खतरा हो गया है। साथ ही मलबा आमसौड़ में हाईवे पर आने से यहां कीचड़ हो गई है जिस कारण यहां वाहनों के फिसलने का खतरा बन गया है। ग्रामीणों ने हाईवे पर आ रहे उक्त मलबे की रोकथाम करने की मांग की।
ग्रामसभा आमसौड़ के पूरन सिंह, धीरज सिंह, संतन सिंह, सीएम जुयाल, इंद्रमोहन जुयाल, देवेंद्र सिंह आदि ने बताया कि पीएमजीएसवाई की ओर से आमसौड़ से धरियालसार तक रोड कटिंग की जा रही है। पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण बारिश के पानी के साथ मलबा बहकर हाईवे पर आ रहा है, जिससे आमसौड़ में रह रही आबादी को खतरा बना हुआ है। साथ ही मार्ग पर कीचड़ होने से यहां वाहन फिसल रहे हैं, जिससे हाईवे पर दुर्घटना होने की आशंका भी बनी है। ग्रामीणों ने कहा कि गत वर्ष एक प्राइवेट दूरसंचार कंपनी की ओर से हाईवे के किनारे फाइबर केबल बिछाई गई थी। तब ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया था। कंपनी की ओर से हाईवे के किनारे खुदान के बाद मिट्टी सही ढंग से नहीं बिछाई, जो मिट्टी बिछाई भी गई थी, वह भी बारिश में बह गई है, जिससे हाईवे के किनारे गहरी नाली बन गई है। इससे भी हाईवे पर दुर्घटना की आशंका बनी है। ग्रामीणों ने हाईवे पर फाइबर केबल बिछाने के कारण बनी नाली में मिट्टी से भरान करने और पीएमजीएसवाई की सड़क पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने की मांग की।
फाइबर केबल बिछाने के कारण हाईवे पर सड़क किनारे बनी नाली में मिट्टी भरने के साथ ही पीएमजीएसवाई की सड़क से आ रहे मलबे को भी जल्द साफ करा दिया जाएगा। - अरविंद जोशी, अवर अभियंता एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट।
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लोनिवि की सात और पीएमजीएसवाई की छह सड़कें बंद
बरसात के साथ ही नगर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्र में पहाड़ियों से मलबा गिरने और भू-धंसाव का सिलसिला शुरू हो गया है। बारिश के कारण मलबा आने से लोनिवि की सात और पीएमजीएसवाई की छह सड़कें बंद हो गईं, जिससे 30 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क कट गया है। स्थिति यह है कि लोग कई किमी पैदल आवाजाही कर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। लोनिवि और पीएमजीएसवाई की ओर से मार्गों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं, लेकिन बारिश के कारण मार्गों को खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। इन तीन दिनों में बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान प्रांतीय खंड लोनिवि लैंसडौन की सड़कों को हुआ है। यहां टकोलीखाल-बीरोंखाल मोटर मार्ग, पाणीसैंण-डबराड-बूथानगर मोटर मार्ग, नौडखाल-नांद मोटर मार्ग, लोनिवि निर्माण खंड दुगड्डा के अंतर्गत ढौंटियाल-चपड़ेत-बसड़ा मोटर मार्ग, सिरोबाड़ी-अमलेस, पीएसजीएसवाई श्रीनगर के अंतर्गत बंजादेवी-रिखणीखाल मोटर मार्ग, किल्बौखाल-टकोलीखाल मोटर मार्ग, पीएमजीएसवाई कोटद्वार के अंतर्गत मंजोखी सड़क, रिंगालपानी-गूम सड़क, नौगांव-बुकंडी मोटर मार्ग, पीएमजीएसवाई सतपुली के अंतर्गत कुण्जखाल-कोटा मोटर मार्ग आदि मलबा आने से बंद हैं। वहीं लोनिवि लैंसडौन के सहायक अभियंता आलोक जैन ने बताया कि सभी सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद
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ग्रामसभा आमसौड़ के पूरन सिंह, धीरज सिंह, संतन सिंह, सीएम जुयाल, इंद्रमोहन जुयाल, देवेंद्र सिंह आदि ने बताया कि पीएमजीएसवाई की ओर से आमसौड़ से धरियालसार तक रोड कटिंग की जा रही है। पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के कारण बारिश के पानी के साथ मलबा बहकर हाईवे पर आ रहा है, जिससे आमसौड़ में रह रही आबादी को खतरा बना हुआ है। साथ ही मार्ग पर कीचड़ होने से यहां वाहन फिसल रहे हैं, जिससे हाईवे पर दुर्घटना होने की आशंका भी बनी है। ग्रामीणों ने कहा कि गत वर्ष एक प्राइवेट दूरसंचार कंपनी की ओर से हाईवे के किनारे फाइबर केबल बिछाई गई थी। तब ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया था। कंपनी की ओर से हाईवे के किनारे खुदान के बाद मिट्टी सही ढंग से नहीं बिछाई, जो मिट्टी बिछाई भी गई थी, वह भी बारिश में बह गई है, जिससे हाईवे के किनारे गहरी नाली बन गई है। इससे भी हाईवे पर दुर्घटना की आशंका बनी है। ग्रामीणों ने हाईवे पर फाइबर केबल बिछाने के कारण बनी नाली में मिट्टी से भरान करने और पीएमजीएसवाई की सड़क पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने की मांग की।
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फाइबर केबल बिछाने के कारण हाईवे पर सड़क किनारे बनी नाली में मिट्टी भरने के साथ ही पीएमजीएसवाई की सड़क से आ रहे मलबे को भी जल्द साफ करा दिया जाएगा। - अरविंद जोशी, अवर अभियंता एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट।
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लोनिवि की सात और पीएमजीएसवाई की छह सड़कें बंद
बरसात के साथ ही नगर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्र में पहाड़ियों से मलबा गिरने और भू-धंसाव का सिलसिला शुरू हो गया है। बारिश के कारण मलबा आने से लोनिवि की सात और पीएमजीएसवाई की छह सड़कें बंद हो गईं, जिससे 30 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क कट गया है। स्थिति यह है कि लोग कई किमी पैदल आवाजाही कर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। लोनिवि और पीएमजीएसवाई की ओर से मार्गों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं, लेकिन बारिश के कारण मार्गों को खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। इन तीन दिनों में बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान प्रांतीय खंड लोनिवि लैंसडौन की सड़कों को हुआ है। यहां टकोलीखाल-बीरोंखाल मोटर मार्ग, पाणीसैंण-डबराड-बूथानगर मोटर मार्ग, नौडखाल-नांद मोटर मार्ग, लोनिवि निर्माण खंड दुगड्डा के अंतर्गत ढौंटियाल-चपड़ेत-बसड़ा मोटर मार्ग, सिरोबाड़ी-अमलेस, पीएसजीएसवाई श्रीनगर के अंतर्गत बंजादेवी-रिखणीखाल मोटर मार्ग, किल्बौखाल-टकोलीखाल मोटर मार्ग, पीएमजीएसवाई कोटद्वार के अंतर्गत मंजोखी सड़क, रिंगालपानी-गूम सड़क, नौगांव-बुकंडी मोटर मार्ग, पीएमजीएसवाई सतपुली के अंतर्गत कुण्जखाल-कोटा मोटर मार्ग आदि मलबा आने से बंद हैं। वहीं लोनिवि लैंसडौन के सहायक अभियंता आलोक जैन ने बताया कि सभी सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद