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एकजुट हुए पोखड़ा और एकेश्वर ब्लाक के गांवों के ग्रामीण
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चौबट्टाखाल तहसील में धरना प्रदर्शन करते एकेश्वर और पोखड़ा ब्लाक के ग्रामीण।
- फोटो : KOTDWAR
पोखड़ा और एकेश्वर ब्लाक में गुलदार की दहशत से परेशान विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने चौबट्टाखाल तहसील में प्रदर्शन किया।
उन्होंने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और गुलदार से निजात दिलाने समेत सात सूत्री मांगें पूरा करने की मांग उठाई। साथ ही मांगों के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा।
मंगलवार को गुलदार प्रभावित पोखड़ा ब्लाक के घरतोली, गडोली और एकेश्वर ब्लाक के पांथर सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीण चौबट्टाखाल तहसील में एकत्र हुए। यहां उन्होंने ग्राम सभा पांथर की प्रधान पूनम कैंत्यूरा, सरपंच मालती देवी और समाजसेवी विकास पांथरी के नेतृत्व में वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि क्षेत्र में तीन माह से गुलदार की दहशत बनी है। गुलदार अभी तक छह ग्रामीणों पर हमले कर चुका है। गुलदार की दहशत के कारण जहां ग्रामीण जंगल और खेतों में नहीं जा पा रहे हैं, वहीं स्कूली बच्चे भी खतरे के साए में स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्राथमिकता के आधार पर संवेदनशील गांवों में जालीनुमा तार से सुरक्षा घेरबाड़ बनाने, प्रभावित क्षेत्रों के लिए पिंजरे उपलब्ध कराने, नरभक्षी गुलदार की पहचान कराने के लिए उन पर कॉलर आईडी लगाने, गांव से स्कूल जाने वाले रास्तों और मुख्य मार्गों पर उगी झाड़ियों की सफाई कराने, जंगली जानवर के हमले में ग्रामीण की मौत होने पर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, घायल ग्रामीण और पशुहानि की दशा में उचित मुआवजा देने की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान मधुबाला (कुई), सुमित रावत (बस्यूर), राजपाल सिंह, सुलोचना देवी, सुधीर सिंह राणा, अरविंद कुमार, मनदीप, नवीन पांथरी, सुनील कुमार, कांता प्रसाद, विजयपाल सिंह, रोहित, सुमित सिंह, सुनील सुंद्रियाल, रोशन सिंह, शोभा देवी, पार्वती देवी, कुसुम देवी, गंगा देवी समेत चौंदकोट समाजसेवी संगठन, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नैनीडांडा के गांवों में गुलदार की दहशत
नैनीडांडा ब्लाक के सुदूूर पर्वतीय क्षेत्र के गांवों में गुलदार की दहशत बनी है। आए दिन गांव के पास धमक रहे गुलदार ग्रामीणों के पालतू पशुओं पर हमला कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी वन विभाग गुलदार को पकड़ने की कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसके कारण लोगों में विभाग के खिलाफ रोष है।
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समाजसेवी पृथ्वीपाल पर्णवाल ने बताया कि सोमवार को ग्राम जमणधार के रघुबीर नेगी तीन और मंगल सिंह नेगी की तीन बकरियां जंगल में चुगने गई थीं यहां गुलदार ने बकरियों को मार डाला। दो दिन पहले जमणधार गांव के ही मुकुंदीलाल की एक बकरी को मार डाला। इसके साथ ही नलाई तल्ली गांव, पलासी गांव में भी गुलदार कई पशुओं को मार चुका है। आबादी में धमक रहे गुलदार के कारण लोग भयभीत हैं। उन्होंने वन विभाग से गुलदार की दहशत से मुक्ति दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। दीवा रेंज के प्रभारी रेंज अधिकारी अनिल रावत ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से गुलदार की धमक को लेकर किसी प्रकार की सूचना प्राप्त नहीं मिली है। सूचना मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। संवाद
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उन्होंने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और गुलदार से निजात दिलाने समेत सात सूत्री मांगें पूरा करने की मांग उठाई। साथ ही मांगों के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा।
मंगलवार को गुलदार प्रभावित पोखड़ा ब्लाक के घरतोली, गडोली और एकेश्वर ब्लाक के पांथर सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीण चौबट्टाखाल तहसील में एकत्र हुए। यहां उन्होंने ग्राम सभा पांथर की प्रधान पूनम कैंत्यूरा, सरपंच मालती देवी और समाजसेवी विकास पांथरी के नेतृत्व में वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि क्षेत्र में तीन माह से गुलदार की दहशत बनी है। गुलदार अभी तक छह ग्रामीणों पर हमले कर चुका है। गुलदार की दहशत के कारण जहां ग्रामीण जंगल और खेतों में नहीं जा पा रहे हैं, वहीं स्कूली बच्चे भी खतरे के साए में स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्राथमिकता के आधार पर संवेदनशील गांवों में जालीनुमा तार से सुरक्षा घेरबाड़ बनाने, प्रभावित क्षेत्रों के लिए पिंजरे उपलब्ध कराने, नरभक्षी गुलदार की पहचान कराने के लिए उन पर कॉलर आईडी लगाने, गांव से स्कूल जाने वाले रास्तों और मुख्य मार्गों पर उगी झाड़ियों की सफाई कराने, जंगली जानवर के हमले में ग्रामीण की मौत होने पर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, घायल ग्रामीण और पशुहानि की दशा में उचित मुआवजा देने की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान मधुबाला (कुई), सुमित रावत (बस्यूर), राजपाल सिंह, सुलोचना देवी, सुधीर सिंह राणा, अरविंद कुमार, मनदीप, नवीन पांथरी, सुनील कुमार, कांता प्रसाद, विजयपाल सिंह, रोहित, सुमित सिंह, सुनील सुंद्रियाल, रोशन सिंह, शोभा देवी, पार्वती देवी, कुसुम देवी, गंगा देवी समेत चौंदकोट समाजसेवी संगठन, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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नैनीडांडा के गांवों में गुलदार की दहशत
नैनीडांडा ब्लाक के सुदूूर पर्वतीय क्षेत्र के गांवों में गुलदार की दहशत बनी है। आए दिन गांव के पास धमक रहे गुलदार ग्रामीणों के पालतू पशुओं पर हमला कर रहे हैं। शिकायत के बाद भी वन विभाग गुलदार को पकड़ने की कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसके कारण लोगों में विभाग के खिलाफ रोष है।
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समाजसेवी पृथ्वीपाल पर्णवाल ने बताया कि सोमवार को ग्राम जमणधार के रघुबीर नेगी तीन और मंगल सिंह नेगी की तीन बकरियां जंगल में चुगने गई थीं यहां गुलदार ने बकरियों को मार डाला। दो दिन पहले जमणधार गांव के ही मुकुंदीलाल की एक बकरी को मार डाला। इसके साथ ही नलाई तल्ली गांव, पलासी गांव में भी गुलदार कई पशुओं को मार चुका है। आबादी में धमक रहे गुलदार के कारण लोग भयभीत हैं। उन्होंने वन विभाग से गुलदार की दहशत से मुक्ति दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। दीवा रेंज के प्रभारी रेंज अधिकारी अनिल रावत ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से गुलदार की धमक को लेकर किसी प्रकार की सूचना प्राप्त नहीं मिली है। सूचना मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। संवाद