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Kotdwar News: हल्दूखाता मल्ला में घुसे दो हाथी, चार बीघा धान की फसल रौंदी
Tue, 15 Sep 2026 05:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 15 Sep 2026 05:25 PM IST
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कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के हल्दूखाता मल्ला की बोक्सा जनजाति बस्ती में घुसकर दो हाथियों ने काश्तकारों की चार बीघा धान की फसल रौंद डाली। हाथियों ने खेतों की घेरबाड़ भी तोड़ दी। सुबह करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने हाथियों को जंगल में वापस भेजा। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।
पार्षद जेपी बहुखंडी ने बताया कि सोमवार रात करीब डेढ़ बजे दो हाथी हल्दूखाता मल्ला में आ धमके। घेरबाड़ तोड़कर हाथी काश्तकारों के खेतों में घुस गए। हाथियों ने सुक्खी देवी, सुधीर सिंह, राजकुमार और राजवीर की करीब चार बीघा धान की फसल रौंद डाली। सुबह ग्रामीणों की नींद खुलने पर खेतों में हाथियों की मौजूदगी का पता चला। इसके बाद ग्रामीणों ने शोर मचाकर और मशाल आदि की मदद से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ना शुरू किया। करीब एक घंटे बाद दोनों हाथी जंगल में लौटे।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। इससे कई काश्तकारों की फसलों को नुकसान हो चुका है। उन्होंने आबादी क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने और प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की।
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वहीं, रेंजर विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि हल्दूखाता में हाथी के आबादी क्षेत्र में घुसने की सूचना पर वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। फसल क्षति का आकलन कर जल्द मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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पार्षद जेपी बहुखंडी ने बताया कि सोमवार रात करीब डेढ़ बजे दो हाथी हल्दूखाता मल्ला में आ धमके। घेरबाड़ तोड़कर हाथी काश्तकारों के खेतों में घुस गए। हाथियों ने सुक्खी देवी, सुधीर सिंह, राजकुमार और राजवीर की करीब चार बीघा धान की फसल रौंद डाली। सुबह ग्रामीणों की नींद खुलने पर खेतों में हाथियों की मौजूदगी का पता चला। इसके बाद ग्रामीणों ने शोर मचाकर और मशाल आदि की मदद से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ना शुरू किया। करीब एक घंटे बाद दोनों हाथी जंगल में लौटे।
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ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से हाथियों की आवाजाही बनी हुई है। इससे कई काश्तकारों की फसलों को नुकसान हो चुका है। उन्होंने आबादी क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने और प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की।
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वहीं, रेंजर विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि हल्दूखाता में हाथी के आबादी क्षेत्र में घुसने की सूचना पर वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है। फसल क्षति का आकलन कर जल्द मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।