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Kotdwar News: ड्राइविंग छूटी तो टोफू से संवारा रोजगार
Tue, 15 Sep 2026 05:21 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 15 Sep 2026 05:21 PM IST
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स्थानीय बाजार में बढ़ी मांग, एक युवक को भी मिला रोजगार
कोटद्वार। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते ड्राइविंग छोड़ने के बाद मानपुर निवासी सुशील कुमार भट्ट ने टोफू को स्वरोजगार का जरिया बनाया। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) और बैंक ऋण की मदद से करीब एक वर्ष पहले शुरू की गई उनकी इकाई अब स्थानीय बाजार में टोफू की मांग पूरी कर रही है।
सुशील बताया कि उन्होंने दोस्तों से टोफू बनाने की जानकारी ली। जिला सहकारी बैंक से पांच लाख का ऋण लेकर मानपुर में इकाई स्थापित की। पीएमएफएमई योजना के तहत उन्हें 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ भी मिला। वर्तमान में आधुनिक मशीनों से सोयाबीन और मूंगफली के दूध से टोफू तैयार किया जा रहा है।
स्थानीय बाजार में मांग बढ़ने से सुशील को प्रतिमाह करीब 15 से 20 हजार रुपये की आय हो रही है। इकाई में गौरव बड़थ्वाल भी काम कर रहे हैं। गौरव दुबई के एक होटल में कार्यरत थे। उद्योग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक योजना के तहत छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को वित्तीय सहायता और अनुदान दिया जा रहा है।
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कोटद्वार। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते ड्राइविंग छोड़ने के बाद मानपुर निवासी सुशील कुमार भट्ट ने टोफू को स्वरोजगार का जरिया बनाया। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) और बैंक ऋण की मदद से करीब एक वर्ष पहले शुरू की गई उनकी इकाई अब स्थानीय बाजार में टोफू की मांग पूरी कर रही है।
सुशील बताया कि उन्होंने दोस्तों से टोफू बनाने की जानकारी ली। जिला सहकारी बैंक से पांच लाख का ऋण लेकर मानपुर में इकाई स्थापित की। पीएमएफएमई योजना के तहत उन्हें 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ भी मिला। वर्तमान में आधुनिक मशीनों से सोयाबीन और मूंगफली के दूध से टोफू तैयार किया जा रहा है।
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स्थानीय बाजार में मांग बढ़ने से सुशील को प्रतिमाह करीब 15 से 20 हजार रुपये की आय हो रही है। इकाई में गौरव बड़थ्वाल भी काम कर रहे हैं। गौरव दुबई के एक होटल में कार्यरत थे। उद्योग विभाग के अधिकारियों के मुताबिक योजना के तहत छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को वित्तीय सहायता और अनुदान दिया जा रहा है।
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