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Kotdwar News: भालू के हमले में महिला की मौत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
Thu, 01 Oct 2026 06:15 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 01 Oct 2026 06:15 PM IST
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ग्रामीणों ने खाल्यूंडांडा स्थित वन चौकी में विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन
मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्या हल करने की मांग, सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने पर गुस्साए
कोटद्वार। नैनीडांडा ब्लॉक के ढंगल गांव में बुधवार को भालू के हमले में गंभीर घायल हुई मंजू देवी (55) पत्नी होशियार सिंह की रामनगर के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत की खबर से आक्रोशित ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को खाल्यूंडांडा स्थित वन चौकी में विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रधान कोमल देवी और कांग्रेस नेता रघुवीर बिष्ट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना के 16 घंटे बाद भी वन विभाग का सक्षम अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि पूर्व में सीएम पोर्टल और क्षेत्रीय विधायक को भी मामले की जानकारी दी गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने मृतका के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, हमलावर भालू को मारने, वन्यजीव संरक्षण कानून में संशोधन के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने और वनकर्मियों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराकर गश्त बढ़ाने की मांग की।
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ग्रामीण राजेश बिष्ट ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह भी गांव में भालू दिखाई दिया। गांव के बच्चे करीब तीन किलोमीटर दूर खाल्यूंडांडा स्कूल पैदल जाते हैं। ऐसे में क्षेत्र में लगातार जंगली जानवरों की मौजूदगी से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।
महिला की मौत की खबर लगते ही धुमाकोट के एसडीएम श्रेष्ठ गुनसोला खाल्यूंडांडा वन चौकी पहुंचे यहां उन्होंने घटना पर दुख जताया। क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत ने घटना पर दुख जताया और अधिकारियों को ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। दीवा के रेंजर सुभाष घिल्डियाल ने बताया कि हमलावर भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है। क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए भी पिंजरा लगाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र में 10 वनकर्मियों की टीम गश्त कर रही है।
प्रदर्शनकारियों में शिशुपाल सिंह रावत, सतेंद्र सिंह बिष्ट, आलम सिंह, सूरज ध्यानी, कोमल देवी, सरोजनी देवी, विमला देवी, गंगोत्री देवी, बीना देवी, जशोदा देवी, अनीता देवी, आरती देवी, कविता देवी, सतेश्वरी देवी और संतोषी ध्यानी आदि शामिल रहे।
भालू को ट्रैंकुलाइज करने या शूट करने की मांगी अनुमति
कोटद्वार। भालू के हमले में महिला की मौत की खबर लगते ही बृहस्पतिवार शाम को गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ महातिम यादव भी खाल्यूंडांडा वन चौकी पहुंचे। यहां उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करवाया। डीएफओ ने कहा कि हमलावर भालू को ट्रैंकुलाइज करने या शूट करने के लिए मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है। इसके लिए वन प्रभाग की ओर से पत्र भेज दिया गया है। डीएफओ ने कहा कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश रेंज अधिकारी को दे दिए गए हैं। वन विभाग के साथ स्थानीय युवाओं की टीम भी गश्त में मदद करेगी। डीएफओ को क्षेत्र में बढ़ते वन्यजीव संघर्ष को लेकर लोगों का आक्रोश भी झेलना पड़ा। कांग्रेस नेता रघुवीर बिष्ट ने उन्हें क्षेत्रवासियों की ओर से ज्ञापन सौंपा। संवाद
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मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्या हल करने की मांग, सक्षम अधिकारी के नहीं पहुंचने पर गुस्साए
कोटद्वार। नैनीडांडा ब्लॉक के ढंगल गांव में बुधवार को भालू के हमले में गंभीर घायल हुई मंजू देवी (55) पत्नी होशियार सिंह की रामनगर के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत की खबर से आक्रोशित ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को खाल्यूंडांडा स्थित वन चौकी में विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रधान कोमल देवी और कांग्रेस नेता रघुवीर बिष्ट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना के 16 घंटे बाद भी वन विभाग का सक्षम अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि पूर्व में सीएम पोर्टल और क्षेत्रीय विधायक को भी मामले की जानकारी दी गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
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ग्रामीणों ने मृतका के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, हमलावर भालू को मारने, वन्यजीव संरक्षण कानून में संशोधन के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजने और वनकर्मियों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराकर गश्त बढ़ाने की मांग की।
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ग्रामीण राजेश बिष्ट ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह भी गांव में भालू दिखाई दिया। गांव के बच्चे करीब तीन किलोमीटर दूर खाल्यूंडांडा स्कूल पैदल जाते हैं। ऐसे में क्षेत्र में लगातार जंगली जानवरों की मौजूदगी से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।
महिला की मौत की खबर लगते ही धुमाकोट के एसडीएम श्रेष्ठ गुनसोला खाल्यूंडांडा वन चौकी पहुंचे यहां उन्होंने घटना पर दुख जताया। क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत ने घटना पर दुख जताया और अधिकारियों को ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। दीवा के रेंजर सुभाष घिल्डियाल ने बताया कि हमलावर भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है। क्षेत्र में गुलदार को पकड़ने के लिए भी पिंजरा लगाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र में 10 वनकर्मियों की टीम गश्त कर रही है।
प्रदर्शनकारियों में शिशुपाल सिंह रावत, सतेंद्र सिंह बिष्ट, आलम सिंह, सूरज ध्यानी, कोमल देवी, सरोजनी देवी, विमला देवी, गंगोत्री देवी, बीना देवी, जशोदा देवी, अनीता देवी, आरती देवी, कविता देवी, सतेश्वरी देवी और संतोषी ध्यानी आदि शामिल रहे।
भालू को ट्रैंकुलाइज करने या शूट करने की मांगी अनुमति
कोटद्वार। भालू के हमले में महिला की मौत की खबर लगते ही बृहस्पतिवार शाम को गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ महातिम यादव भी खाल्यूंडांडा वन चौकी पहुंचे। यहां उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करवाया। डीएफओ ने कहा कि हमलावर भालू को ट्रैंकुलाइज करने या शूट करने के लिए मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है। इसके लिए वन प्रभाग की ओर से पत्र भेज दिया गया है। डीएफओ ने कहा कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश रेंज अधिकारी को दे दिए गए हैं। वन विभाग के साथ स्थानीय युवाओं की टीम भी गश्त में मदद करेगी। डीएफओ को क्षेत्र में बढ़ते वन्यजीव संघर्ष को लेकर लोगों का आक्रोश भी झेलना पड़ा। कांग्रेस नेता रघुवीर बिष्ट ने उन्हें क्षेत्रवासियों की ओर से ज्ञापन सौंपा। संवाद