{"_id":"02fbbc9b6fcc00499b333c3fc1e49fa8","slug":"vaikunth-chaturdarshi-mela-in-srinagar-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरु बूड्यों कू ब्यो च रे, चार दिना की धका-धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरु बूड्यों कू ब्यो च रे, चार दिना की धका-धूम
श्रीनगर
Updated Tue, 01 Dec 2015 10:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैकुंठ चतुर्दशी मेले की सातवीं संध्या सूबे के प्रसिद्ध लोक कलाकारों के नाम रही। गढ़वाली स्टार नाइट में नरेंद्र सिंह नेगी, किशन महिपाल, वीरेंद्र राजपूत, कल्पना चौहान, संगीता ढौंडियाल व रेखा धस्माना के गीतों पर दर्शक जमकर झूमते रहे।
सोमवार रात गढ़वाली स्टार नाइट कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि अपर आयुक्त गढ़वाल हरक सिंह रावत ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज लोक संस्कृति को संरक्षित करने के लिए युवाओं को आगे आने की जरूरत है। स्टार नाइट का शुभारंभ सुप्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने मां भगवती व भगवान शिव की आराधना से किया। कल्पना चौहान ने सास-बहू की तकरार को गला गुलोबंदा गुलबंद को नगीना, तू छे मेरी सासू व्वारियू का अगिना की शानदार प्रस्तुति दी। रेखा धस्माना ने मेरु बूड्यों कू ब्यो च रे, चार दिना की धका-धूम पर दर्शकों को खूम झूमाया। संगीता ढौंडियाल के इन लौंडो ते को समजालू कि, पिछने बटी सीटी न मारा और हाय काखड़ी सिल्ले मा, लूढ़ पिसो सिल्ले मा गीतों पर दर्शक जमकर थिरकते रहे। बीरेंद्र राजपूत के पल्या खोला की बिंदरा व कालेजे की छोरी हे पर युवा खूब झूमते नजर आए। लोक प्रियता बटोर रहे लोक गायक किशन महिपाल के स्याली भंपाली और काखड़ी का झ्याला घुघुति की लोक नृत्य के साथ मनमोहक प्रस्तुति दी।
नरेंद्र सिंह नेगी ने ठंडों रे ठंडों मेरा पहाड़ की हवा ठंडी और टिहरी डूबड लग्यू च बेटा डाम का खातिर सुना दर्शकों को मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष बिपिन चंद्र मैठानी, कोतवाल उत्तम सिंह, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुधीर जोशी, सभासद गणेश भट्ट, विजय लक्ष्मी रतूड़ी, रामेश्वरी देवी, हीरा लाल जैन आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार रात गढ़वाली स्टार नाइट कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि अपर आयुक्त गढ़वाल हरक सिंह रावत ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज लोक संस्कृति को संरक्षित करने के लिए युवाओं को आगे आने की जरूरत है। स्टार नाइट का शुभारंभ सुप्रसिद्ध लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने मां भगवती व भगवान शिव की आराधना से किया। कल्पना चौहान ने सास-बहू की तकरार को गला गुलोबंदा गुलबंद को नगीना, तू छे मेरी सासू व्वारियू का अगिना की शानदार प्रस्तुति दी। रेखा धस्माना ने मेरु बूड्यों कू ब्यो च रे, चार दिना की धका-धूम पर दर्शकों को खूम झूमाया। संगीता ढौंडियाल के इन लौंडो ते को समजालू कि, पिछने बटी सीटी न मारा और हाय काखड़ी सिल्ले मा, लूढ़ पिसो सिल्ले मा गीतों पर दर्शक जमकर थिरकते रहे। बीरेंद्र राजपूत के पल्या खोला की बिंदरा व कालेजे की छोरी हे पर युवा खूब झूमते नजर आए। लोक प्रियता बटोर रहे लोक गायक किशन महिपाल के स्याली भंपाली और काखड़ी का झ्याला घुघुति की लोक नृत्य के साथ मनमोहक प्रस्तुति दी।
विज्ञापन
नरेंद्र सिंह नेगी ने ठंडों रे ठंडों मेरा पहाड़ की हवा ठंडी और टिहरी डूबड लग्यू च बेटा डाम का खातिर सुना दर्शकों को मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष बिपिन चंद्र मैठानी, कोतवाल उत्तम सिंह, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुधीर जोशी, सभासद गणेश भट्ट, विजय लक्ष्मी रतूड़ी, रामेश्वरी देवी, हीरा लाल जैन आदि मौजूद थे।
विज्ञापन