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नगर का नाम कण्वनगरी करने पर भड़की उत्तराखंड विकास समिति
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उत्तराखंड विकास समिति की बैठक में कोटद्वार नगर का नाम कण्वनगरी कोटद्वार करने संबंधी नगर निगम बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया गया। इस मौके पर पारित प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की गई। समिति ने नाम बदलने की राजनीति के बजाय नगर की व्यवस्थाओं को सुधारने पर ध्यान देने की नसीहत नगर निगम के पदाधिकारियों को दी।
उत्तराखंड विकास समिति के अध्यक्ष जानकी बल्लभ मैंदोला की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि चंद लोगों के दबाव में कोटद्वार का नाम कण्वनगरी किया जा रहा है। कोटद्वार एक ऐतिहासिक नाम है। नाम बदलने के बजाय नगर निगम बोर्ड की बैठक में क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधारीकरण, सीवरेज की सुविधा, कोटद्वार मेडिकल कालेज, कोटद्वार जिला निर्माण, क्षेत्र में अवैध शराब और स्मैक की बिक्री पर रोक आदि स्थानीय समस्याओं पर चर्चा कर प्रदेश सरकार को भेजा जाना चाहिए। कहा कि उनकी मांग पर कार्रवाई न होने पर जनांदोलन किया जाएगा। बैठक में गोपाल काला, हरीश खर्कवाल, जीके बड़थ्वाल, जेएस रावत, पूरण सिंह नेगी, विपुल उनियाल, गणेश प्रसाद ममगाईं, महिपाल सिंह रावत आदि ने विचार रखे।
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उत्तराखंड विकास समिति के अध्यक्ष जानकी बल्लभ मैंदोला की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि चंद लोगों के दबाव में कोटद्वार का नाम कण्वनगरी किया जा रहा है। कोटद्वार एक ऐतिहासिक नाम है। नाम बदलने के बजाय नगर निगम बोर्ड की बैठक में क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधारीकरण, सीवरेज की सुविधा, कोटद्वार मेडिकल कालेज, कोटद्वार जिला निर्माण, क्षेत्र में अवैध शराब और स्मैक की बिक्री पर रोक आदि स्थानीय समस्याओं पर चर्चा कर प्रदेश सरकार को भेजा जाना चाहिए। कहा कि उनकी मांग पर कार्रवाई न होने पर जनांदोलन किया जाएगा। बैठक में गोपाल काला, हरीश खर्कवाल, जीके बड़थ्वाल, जेएस रावत, पूरण सिंह नेगी, विपुल उनियाल, गणेश प्रसाद ममगाईं, महिपाल सिंह रावत आदि ने विचार रखे।
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