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लालढांग मार्ग और कुंभीचौड़ में मकान पर गिरा पेड़
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कोटद्वार में तूफान से लालढांग मार्ग पर गिरा पेड़।
- फोटो : KOTDWAR
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क्षेत्र में चले आंधी-तूफान और तेज बारिश से लालढांग मोटर मार्ग पर और कुंभीचौड़ में एक मकान के ऊपर पेड़ गिर गया। तेज बारिश से सड़कों पर जलभराव हो गया, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रविवार देर रात आए आंधी-तूफान से कोटद्वार लालढांग मोटर मार्ग पर चिलरखाल के पास एक पेड़ सड़क पर गिर गया। गनीमत रही कि उस समय सड़क पर कोई नहीं था, जिससे कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। सोमवार सुबह वन विभाग के कर्मचारियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ को काटकर हटाया और यातायात के लिए मार्ग खोला। वहीं कुंभीचौड़ में गोपाल सिंह नेगी के मकान के ऊपर भी आम का पेड़ गिर गया जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक तेज आवाज होते ही घर के सदस्य बाहर आ गए। पूर्व सभासद दीपक पांडे ने प्रशासन से मकान को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।
वहीं सोमवार सुबह हुई बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। नालियां चोक होने के कारण सड़कों पर बरसाती पानी जमा हो गया। कोटद्वार के देवी रोड, बदरीनाथ रोड, स्टेशन रोड, पदमपुर रोड में जलभराव के कारण सड़क पर चलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुदीप बौंठियाल, ओमप्रकाश सुंद्रियाल, राजेंद्र सिंह नेगी ने नगर निगम से नालियों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
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कोट
- सफाई निरीक्षकों को नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र समस्या का समाधान किया जाएगा। - मो. कामिल, सहायक नगर आयुक्त कोटद्वार।
बारिश से आम और लीची की फसल को भारी नुकसान
बड़ी संख्या में पेड़ों से झड़ी लीची, दाना फटने से बागवानों के चेहरों पर मायूसी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। आम व लीची की फसल इस बार पिछले साल के मुकाबले बेहतर थी, लेकिन लगातार खराब मौसम ने काश्तकारों के साथ ही इससे जुड़े कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। सोमवार सुबह आंधी-तूफान से साथ हुई बारिश से लीची की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। काश्तकारों का कहना है कि इस बार मौसम की मार से आम और लीची की फसलों को तीस से चालीस फीसदी तक नुकसान पहुंचा है।
आंधी से बड़ी संख्या में लीची पेड़ों से झड़ गई। दाना फटने से काश्तकारों के चेहरों में मायूसी छाई हुई है। बीते दस दिन में चार से पांच बार तूफानी बारिश को देखते हुए बागवानों ने सप्ताहभर पहले ही पेड़ों से लीची निकालने का कार्य शुरू कर दिया है। बगीचों में पेड़ों से लीची निकालने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि कम से कम नुकसान हो। फल व्यवसायी नईम अहमद ने बताया कि तूफानी बारिश और ओलावृष्टि से आम के साथ ही लीची की फसल को खासा नुकसान हुआ है, जिससे उन्हें करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं उद्यान विशेषज्ञ डा. प्रभाकर सिंह का कहना है कि आंधी से आम और लीची की 5 से 10 फीसदी फसलों को नुकसान पहुंचने का अनुमान है। सही स्थिति तो विभागीय सर्वे में सामने आएगा।
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रविवार देर रात आए आंधी-तूफान से कोटद्वार लालढांग मोटर मार्ग पर चिलरखाल के पास एक पेड़ सड़क पर गिर गया। गनीमत रही कि उस समय सड़क पर कोई नहीं था, जिससे कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। सोमवार सुबह वन विभाग के कर्मचारियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ को काटकर हटाया और यातायात के लिए मार्ग खोला। वहीं कुंभीचौड़ में गोपाल सिंह नेगी के मकान के ऊपर भी आम का पेड़ गिर गया जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक तेज आवाज होते ही घर के सदस्य बाहर आ गए। पूर्व सभासद दीपक पांडे ने प्रशासन से मकान को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।
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वहीं सोमवार सुबह हुई बारिश ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। नालियां चोक होने के कारण सड़कों पर बरसाती पानी जमा हो गया। कोटद्वार के देवी रोड, बदरीनाथ रोड, स्टेशन रोड, पदमपुर रोड में जलभराव के कारण सड़क पर चलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुदीप बौंठियाल, ओमप्रकाश सुंद्रियाल, राजेंद्र सिंह नेगी ने नगर निगम से नालियों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
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- सफाई निरीक्षकों को नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र समस्या का समाधान किया जाएगा। - मो. कामिल, सहायक नगर आयुक्त कोटद्वार।
बारिश से आम और लीची की फसल को भारी नुकसान
बड़ी संख्या में पेड़ों से झड़ी लीची, दाना फटने से बागवानों के चेहरों पर मायूसी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। आम व लीची की फसल इस बार पिछले साल के मुकाबले बेहतर थी, लेकिन लगातार खराब मौसम ने काश्तकारों के साथ ही इससे जुड़े कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। सोमवार सुबह आंधी-तूफान से साथ हुई बारिश से लीची की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। काश्तकारों का कहना है कि इस बार मौसम की मार से आम और लीची की फसलों को तीस से चालीस फीसदी तक नुकसान पहुंचा है।
आंधी से बड़ी संख्या में लीची पेड़ों से झड़ गई। दाना फटने से काश्तकारों के चेहरों में मायूसी छाई हुई है। बीते दस दिन में चार से पांच बार तूफानी बारिश को देखते हुए बागवानों ने सप्ताहभर पहले ही पेड़ों से लीची निकालने का कार्य शुरू कर दिया है। बगीचों में पेड़ों से लीची निकालने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि कम से कम नुकसान हो। फल व्यवसायी नईम अहमद ने बताया कि तूफानी बारिश और ओलावृष्टि से आम के साथ ही लीची की फसल को खासा नुकसान हुआ है, जिससे उन्हें करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं उद्यान विशेषज्ञ डा. प्रभाकर सिंह का कहना है कि आंधी से आम और लीची की 5 से 10 फीसदी फसलों को नुकसान पहुंचने का अनुमान है। सही स्थिति तो विभागीय सर्वे में सामने आएगा।