{"_id":"61ddb41304efdc30ce010554","slug":"three-member-team-inspected-pakhro-tiger-safari-searched-letters-kotdwar-news-drn401394330","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन सदस्यीय टीम ने किया पाखरो टाइगर सफारी का निरीक्षण, खंगाली पत्रावलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन सदस्यीय टीम ने किया पाखरो टाइगर सफारी का निरीक्षण, खंगाली पत्रावलियां
विज्ञापन
देहरादून से टाइगर सफारी के लिए हुए निर्माण कार्यों की जांच के लिए पाखरो पहुंची वन विभाग की तीन सद?
- फोटो : KOTDWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर मुख्य वन संरक्षक (नोडल अधिकारी वन भूमि हस्तांतरण) कपिल जोशी की अध्यक्षता में देहरादून से आई वन विभाग की तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम ने मंगलवार को पाखरो में निर्माणाधीन टाइगर सफारी समेत मोरघट्टी व पाखरों रेंज में हुए अवैध निर्माण कार्यों की जांच की। इस मौके पर टीम ने टाइगर सफारी के लिए हासिल की गई स्वीकृतियों से संबंधित पत्रावलियां भी खंगालीं। जांच टीम अपनी रिपोर्ट पीसीसीएफ (हॉफ) को सौंपेंगी।
कार्बेट के कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) में टाइगर सफारी के निर्माण के दौरान हुए अवैध रूप से पेड़ कटान और अवैध निर्माण के मामले की जांच के लिए पीसीसीएफ (हॉफ) की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। मंगलवार को कमेटी के अध्यक्ष अपर मुख्य वन संरक्षक कपिल जोशी, वन संरक्षक यमुना वृत्त अमित वर्मा, विभाग के वित्त नियंत्रक जीवन चंद्र जोशी कोटद्वार होते हुए पाखरो पहुंचे। जांच टीम ने टाइगर सफारी के लिए बनाई गई सड़क समेत अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. पराग मधुकर धगाते ने बताया कि विभाग की ओर से जांच टीम के समक्ष अपना पक्ष रखा। टीम ने टाइगर सफारी के लिए ली गई अनुमति और स्वीकृति संबंधी पत्रावलियों की जांच की। टीम की जांच में पाखरो और मोरघट्टी में हुए अवैध निर्माण कार्यों की जांच भी शामिल रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट टाइगर सफारी का चल रहा निर्माण, ये है पूरा मामला
कार्बेट के केटीआर वन प्रभाग के पाखरो रेंज में राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट टाइगर सफारी का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। 106 हेक्टेयर में निर्माणाधीन टाइगर सफारी के लिए पाखरो रेंज में 163 पेड़ों को काटने की अनुमति हासिल की गई। कार्बेट प्रशासन की ओर से क्षेत्र में अवस्थापना और विकास कार्य कराए गए हैं। इस बीच अवैध पेड़ कटान और अवैध निर्माण के मामले में शिकायत का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने जांच के लिए समिति बनाई थी। गत 24 अक्तूबर, 2021 को एनटीसीए की समिति ने जांच के बाद केटीआर में अवैध निर्माणों को प्रशासनिक और प्रबंधकीय विफलता का बदतर उदाहरण बताया। समिति ने मोरघट्टी और पाखरो एफआरएच परिसरों में तमाम अवैध निर्माणों को फौरन ध्वस्त कर वहां पारिस्थितिकी बहाली का काम शुरू करने की सिफारिश की थी। एनटीसीए की फटकार के बाद सीटीआर प्रशासन की ओर से मोरघट्टी वन परिसर में चार आवासीय भवन को गत 7 नवंबर को ध्वस्त कर दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्बेट के कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) में टाइगर सफारी के निर्माण के दौरान हुए अवैध रूप से पेड़ कटान और अवैध निर्माण के मामले की जांच के लिए पीसीसीएफ (हॉफ) की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। मंगलवार को कमेटी के अध्यक्ष अपर मुख्य वन संरक्षक कपिल जोशी, वन संरक्षक यमुना वृत्त अमित वर्मा, विभाग के वित्त नियंत्रक जीवन चंद्र जोशी कोटद्वार होते हुए पाखरो पहुंचे। जांच टीम ने टाइगर सफारी के लिए बनाई गई सड़क समेत अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. पराग मधुकर धगाते ने बताया कि विभाग की ओर से जांच टीम के समक्ष अपना पक्ष रखा। टीम ने टाइगर सफारी के लिए ली गई अनुमति और स्वीकृति संबंधी पत्रावलियों की जांच की। टीम की जांच में पाखरो और मोरघट्टी में हुए अवैध निर्माण कार्यों की जांच भी शामिल रही।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट टाइगर सफारी का चल रहा निर्माण, ये है पूरा मामला
कार्बेट के केटीआर वन प्रभाग के पाखरो रेंज में राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट टाइगर सफारी का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। 106 हेक्टेयर में निर्माणाधीन टाइगर सफारी के लिए पाखरो रेंज में 163 पेड़ों को काटने की अनुमति हासिल की गई। कार्बेट प्रशासन की ओर से क्षेत्र में अवस्थापना और विकास कार्य कराए गए हैं। इस बीच अवैध पेड़ कटान और अवैध निर्माण के मामले में शिकायत का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने जांच के लिए समिति बनाई थी। गत 24 अक्तूबर, 2021 को एनटीसीए की समिति ने जांच के बाद केटीआर में अवैध निर्माणों को प्रशासनिक और प्रबंधकीय विफलता का बदतर उदाहरण बताया। समिति ने मोरघट्टी और पाखरो एफआरएच परिसरों में तमाम अवैध निर्माणों को फौरन ध्वस्त कर वहां पारिस्थितिकी बहाली का काम शुरू करने की सिफारिश की थी। एनटीसीए की फटकार के बाद सीटीआर प्रशासन की ओर से मोरघट्टी वन परिसर में चार आवासीय भवन को गत 7 नवंबर को ध्वस्त कर दिया था।
विज्ञापन