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Kotdwar News: चेक बाउंस के दोषी दो साल का कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा
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कोटद्वार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार (एसीजेएम) मनोज कुमार द्विवेदी की अदालत ने चेक बाउंस के दोषी को दो साल का कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
परिवादी के अधिवक्ता ने बताया कि काशीरामपुर मल्ला निवासी सुधांशु थपलियाल और ग्रास्टनगंज निवासी जफरखान आपस में अच्छे परिचित हैं। जफरखान ने परिवादी सुधांशु से किसी काम के लिए 1.60 लाख रुपये उधार लिए थे। मामला वर्ष 2022 का है। जफरखान ने बदले में परिवादी को उक्त धनराशि का चेक दिया। चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। परिवादी को इसकी जानकारी दी गई तो उसने हीलाहवाली करनी शुरू कर दी। इसके बाद एसीजेएम न्यायालय में परिवाद दाखिल करना पड़ा। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें, पत्रावलियाें पर उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए जफरखान को दो साल का कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम में से 1.90 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में देने और 10 हजार रुपये राजकोष में जमा करवाने के आदेश दिए गए हैं।
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परिवादी के अधिवक्ता ने बताया कि काशीरामपुर मल्ला निवासी सुधांशु थपलियाल और ग्रास्टनगंज निवासी जफरखान आपस में अच्छे परिचित हैं। जफरखान ने परिवादी सुधांशु से किसी काम के लिए 1.60 लाख रुपये उधार लिए थे। मामला वर्ष 2022 का है। जफरखान ने बदले में परिवादी को उक्त धनराशि का चेक दिया। चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। परिवादी को इसकी जानकारी दी गई तो उसने हीलाहवाली करनी शुरू कर दी। इसके बाद एसीजेएम न्यायालय में परिवाद दाखिल करना पड़ा। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें, पत्रावलियाें पर उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए जफरखान को दो साल का कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम में से 1.90 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में देने और 10 हजार रुपये राजकोष में जमा करवाने के आदेश दिए गए हैं।
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