पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी और मेयर हेमलता नेगी ने क्षेत्रीय पार्षदों के साथ भाबर क्षेत्र के तेलीस्रोत, लोकमणिपुर, झंडीचौड़ पश्चिमी और उत्तरी का निरीक्षण कर रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन (नदी का मलबा उठाना) से हुए ग्रामीणों के नुकसान का जायजा लिया। पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने वर्तमान खनन नीति को घातक बताया। कहा कि मानकों के विपरीत और मनमाने ढंग से हो रहे खनन से तबाही मचेगी। इससे बाढ़ सुरक्षा नहीं बल्कि उलटा नुकसान हो रहा है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार की वर्तमान खनन नीति से ग्रामीणों में रोष है। मानकों के विपरीत और मनमाने खनन से नदियों में कई मीटर गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। भारी भरकम मशीनों से हो रही खुदाई से नदियों का स्वरूप बदल रहा है और ग्रामीणों के नदियों से आने जाने वाले परंपरागत रास्ते भी बंद कर दिए गए हैं। मनमाना खनन नहीं रोका गया तो इसी बरसात में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। कहा कि 2022 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद तत्काल नई पारदर्शी खनन नीति बनाई जाएगी, ताकि लोगों को नुकसान के बजाय इसका लाभ मिले। इस मौके पर पार्षद जगदीश मेहरा, अमित नेगी, सुखपाल शाह, अनिल रावत, प्रेम सिंह बिनवाल, प्रमोद बौंठियाल, महेन्द्र पाल सिंह, गीता सिंह, पूजा देवी, शशिभूषण, विपिन जोशी, मान सिंह, टेक सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।