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ऐतिहासिक नाटक गढ़ गाथा: मुगल शहजादा का भव्य मंचन
Fri, 22 May 2026 11:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Fri, 22 May 2026 11:27 PM IST
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लैंसडौन। गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के तत्वावधान में सुरजन सिंह ऑडिटोरियम में ऐतिहासिक नाटक ''गढ़ गाथा: मुगल शहजादा'' का मंचन शुरू हुआ, जो 24 मई तक प्रतिदिन चलेगा। ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी की देखरेख में आयोजित इस नाटक में महिला पात्रों की भूमिकाएं सैनिक परिवारों की महिलाओं, छात्राओं और अध्यापिकाओं द्वारा निभाई जा रही हैं।
यह नाटक वर्ष 1658 की उस ऐतिहासिक घटना पर आधारित है, जब मुगल शहजादा सुलेमान शिकोह राजनीतिक संघर्षों के कारण शरण मांगने गढ़वाल की राजधानी श्रीनगर पहुंचा था। नाटक में गढ़वाल नरेश महाराज पृथ्वी पति शाह की ''अतिथि देवो भव:'' परंपरा, नैतिकता और न्यायप्रियता को सशक्त रूप से दर्शाया गया है।
नाटक का लेखन कमल रावत, निर्देशन श्रीश डोभाल, रचनात्मक निर्देशन मोहित राज गाबा, गायन दिनेश पाठक, नृत्य अनन्या डबराल और प्रकाश-संयोजन पुष्कर सागर ने किया है। समन्वय की जिम्मेदारी नायब सूबेदार राजेश सिंह रावत ने निभाई। आयोजन में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज लैंसडौन, राजकीय इंटर कॉलेज जयहरीखाल और आर्मी पब्लिक स्कूल लैंसडौन ने सहयोग दिया। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने इतिहास और सांस्कृतिक आदर्शों से जोड़ना है।
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यह नाटक वर्ष 1658 की उस ऐतिहासिक घटना पर आधारित है, जब मुगल शहजादा सुलेमान शिकोह राजनीतिक संघर्षों के कारण शरण मांगने गढ़वाल की राजधानी श्रीनगर पहुंचा था। नाटक में गढ़वाल नरेश महाराज पृथ्वी पति शाह की ''अतिथि देवो भव:'' परंपरा, नैतिकता और न्यायप्रियता को सशक्त रूप से दर्शाया गया है।
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नाटक का लेखन कमल रावत, निर्देशन श्रीश डोभाल, रचनात्मक निर्देशन मोहित राज गाबा, गायन दिनेश पाठक, नृत्य अनन्या डबराल और प्रकाश-संयोजन पुष्कर सागर ने किया है। समन्वय की जिम्मेदारी नायब सूबेदार राजेश सिंह रावत ने निभाई। आयोजन में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज लैंसडौन, राजकीय इंटर कॉलेज जयहरीखाल और आर्मी पब्लिक स्कूल लैंसडौन ने सहयोग दिया। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने इतिहास और सांस्कृतिक आदर्शों से जोड़ना है।
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