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थलनदी गेंद मेला: अजमीर को हराकर उदयपुर पट्टी ने जीती गेंद
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कोटद्वार/यमकेश्वर। गेंद मेला समिति थलनदी की ओर से आयोजित गेंद मेले में अजमीर को हराकर उदयपुर पट्टी विजेता रही। मेले को देखने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी पहुंचे। मेले समिति ने विदेशी पर्यटकों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
थलनदी गेंद मेले में दोपहर दो बजे गेंद को मैदान में लाया गया। जहां अजमीर व उदयपुर पट्टी के गिंदेरों के बीच मुकाबला शुरू हुआ। करीब साढ़े चार घंटे तक चले कड़े मुकाबले के बाद उदयपुर पट्टी के गिंदेर गेंद को अपने पाले में ले जाने में सफल रहे। इस मौके पर गेंद मेला समिति के अध्यक्ष सुबोध नेगी ने विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
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कार्यक्रम के दौरान पद्मश्री डॉ. माधुरी डबराल, विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड शासन के सचिव संतोष बडोनी, विश्वजीत नेगी, डॉ. विपिन बलूनी को महाबगढ़ गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि यमकेश्वर की विधायक रेनू बिष्ट, सचिवालय संघ के महासचिव राकेश जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनोद डबराल, गेंद मेला समिति के सचिव रवींद्र बिष्ट, कोषाध्यक्ष पूरण चंद्र अमोली, माधुरी डबराल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजय लखेड़ा, वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सजवाण आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन शशिभूषण अमोली ने किया।
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गढ़वाली संस्कृति में रंगे नजर आए विदेशी पर्यटक, जमकर झूमे
कोटद्वार/यमकेश्वर। मकर संक्रांति के पर्व पर यमकेश्वर के थलनदी में गेंद मेले को देखने के लिए ऋषिकेश घूमने आए विदेशी भी पहुंचे। विदेशी पर्यटक यहां पहाड़ के पारंपरिक वाद्य यंत्रों ढोल दमाऊ की धुन पर खूब नाचे। विदेशियों ने यहां लोकगीत और संगीत के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पूरा आनंद उठाया। विदेशी पर्यटक पूरी तरह से गढ़वाली संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए।
मेले में रूस, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, इटली, फ्रांस, अफ्रीका समेत विश्व के कई देशों से करीब 30 विदेशी पर्यटक पहुंचे। मेला समिति ने विदेशी पर्यटकों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। पुर्तगाल से आए विदेशी पर्यटक एडि्रया पेड्रेगल, बेल्जियम की मिशेल मेलिस, अफ्रीका के एशले बोनट ने कहा कि इस प्रकार का मेला उन्होंने भारत में पहली बार देखा है। उन्हें उत्तराखंड की संस्कृति को जानने का अवसर मिला। यहां की संस्कृति और सभ्यता काफी अनोखी है।