{"_id":"5e6fb4dd8ebc3ea4b01a2105","slug":"students-studying-in-shabby-school-building-kotdwar-news-drn339386515","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनता इंटर कालेज ज्यूंदाल्यूं के जर्जर भवन में पढ़ रहे छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनता इंटर कालेज ज्यूंदाल्यूं के जर्जर भवन में पढ़ रहे छात्र
विज्ञापन
नैनीडांडा ब्लाक के जनता इंटरकालेज ज्यूंदाल्यूं (गुजड़ू) का जर्जरहाल भवन।
- फोटो : KOTDWAR
सरकार के सुदूरवर्ती ग्रामीण अंचलों में शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे पौड़ी जिले के नैनीडांडा ब्लाक की गुजड़ू पट्टी में खोकले नजर आ रहे हैं। यहां वर्ष 1966 में जूनियर हाईस्कूल के रूप में खुला जनता इंटर कालेज ज्यूंदाल्यूं अब इंटर तक के छात्र-छात्राओं को कला और विज्ञान संकाय की शिक्षा दे रहा है, लेकिन संसाधनों के लिए शासन स्तर पर उपेक्षित पड़ा है। आलम यह है कि एलटी और प्रवक्ता के 15 पदों में से यहां मात्र चार शिक्षक कार्यरत हैं और विद्यालय भवन जर्जर बना हुआ है।
नैनीडांडा ब्लाक की गुजड़ू पट्टी के इस विद्यालय की स्थापना क्षेत्रीय जनता के अथक प्रयास से की गई। वर्ष 1968 में विद्यालय जूनियर हाईस्कूल के रूप से विधिवत अस्तित्व में आया और यहां प्रधानाध्यापक समेत शिक्षकों की तैनाती हुई। विद्यालय में पौड़ी के साथ ही अल्मोड़ा जिले के गांवों के बच्चे भी पढ़ने आने लगे। जनता के प्रयास और मांग पर विद्यालय को वर्ष 1977 में हाईस्कूल की मान्यता भी मिल गई। वर्ष 1979 में विद्यालय वेतन वितरण अधिनियम के अंतर्गत आ गया और तब से सहायता प्राप्त विद्यालय के रूप में काम कर रहा है। 1984 में अविभाजित उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालय को हाईस्कूल में विज्ञान संकाय की स्वीकृति प्रदान की। स्थानीय लोगों की मांग पर 1984 में विद्यालय को इंटर साहित्यिक वर्ग की मान्यता मिलने से इंटर तक के बच्चे यहां पढ़ने लगे। प्रबंधकीय व्यवस्था में चलने वाले जनता इंटर कालेज ज्यूंदाल्यूं में वर्तमान में पौड़ी और अल्मोड़ा के गांवों के 178 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
ग्राम प्रधान पड़सोली ममता रावत, पूर्व प्रबंधक जगमोहन सिंह रावत, दर्शन सिंह रावत, ग्रामीण अशोक रावत का कहना है कि वोट बैंक की राजनीति के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रंजना रावत ने सरकार से जनहित में इस सुदूरवर्ती विद्यालय के भवन निर्माण के लिए बजट आवंटन की मांग की है। प्रधानाचार्य शिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि विद्यालय का भवन जर्जर बना है। नए भवन के निर्माण और शिक्षकों की तैनाती के लिए विभागीय अधिकारियों को लिखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नैनीडांडा ब्लाक की गुजड़ू पट्टी के इस विद्यालय की स्थापना क्षेत्रीय जनता के अथक प्रयास से की गई। वर्ष 1968 में विद्यालय जूनियर हाईस्कूल के रूप से विधिवत अस्तित्व में आया और यहां प्रधानाध्यापक समेत शिक्षकों की तैनाती हुई। विद्यालय में पौड़ी के साथ ही अल्मोड़ा जिले के गांवों के बच्चे भी पढ़ने आने लगे। जनता के प्रयास और मांग पर विद्यालय को वर्ष 1977 में हाईस्कूल की मान्यता भी मिल गई। वर्ष 1979 में विद्यालय वेतन वितरण अधिनियम के अंतर्गत आ गया और तब से सहायता प्राप्त विद्यालय के रूप में काम कर रहा है। 1984 में अविभाजित उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालय को हाईस्कूल में विज्ञान संकाय की स्वीकृति प्रदान की। स्थानीय लोगों की मांग पर 1984 में विद्यालय को इंटर साहित्यिक वर्ग की मान्यता मिलने से इंटर तक के बच्चे यहां पढ़ने लगे। प्रबंधकीय व्यवस्था में चलने वाले जनता इंटर कालेज ज्यूंदाल्यूं में वर्तमान में पौड़ी और अल्मोड़ा के गांवों के 178 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान पड़सोली ममता रावत, पूर्व प्रबंधक जगमोहन सिंह रावत, दर्शन सिंह रावत, ग्रामीण अशोक रावत का कहना है कि वोट बैंक की राजनीति के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रंजना रावत ने सरकार से जनहित में इस सुदूरवर्ती विद्यालय के भवन निर्माण के लिए बजट आवंटन की मांग की है। प्रधानाचार्य शिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि विद्यालय का भवन जर्जर बना है। नए भवन के निर्माण और शिक्षकों की तैनाती के लिए विभागीय अधिकारियों को लिखा गया है।
विज्ञापन