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Kotdwar News: सिख और पंजाबी समाज ने हर्षोल्लास से मनाया बंदी छोड़ दिवस
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कोटद्वार। गुरुद्वार श्री गुरु नानक सिंह सभा गोविंद नगर में बंदी छोड़ दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में दीपमाला कर और एक-दूसरे को मिष्ठान वितरित कर बधाई दी।
शुक्रवार शाम रहिरास साहिब के पाठ के बाद बंदी छोड़ दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा साहिब में विशेष दीवान सजाए गए। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरजंट सिंह की देखरेख में शबद कीर्तन का गायन हुआ। कथा विचार करते हुए ज्ञानी गुरजंट सिंह ने बंदी छोड़ दिवस पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि छहवें गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ने ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को मुगल शासक की कैद से आजाद कराया था। इन 52 राजाओं के सकुशल अपने राज्यों में पहुंचने पर लोगों ने दीये जलाकर, आतिशबाजी कर और मिष्ठान बांटकर खुशी जताई थी। तब दिवाली का ही दिन था। तभी से सिख धर्म में भी बंदी छोड़ दिवस जीत के उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
अनंद साहिब के पाठ, अरदास एवं हुकुमनामे के साथा विशेष दीवान का समापन हुआ। इससे पहले श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में दीये और मोमबत्ती जलाकर दीपमाला की। गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान अनिल कुमार भोला की देखरेख में हुए कार्यक्रम में अश्विनी भाटिया, अशोक भाटिया, महेश भाटिया, डॉ. राजकुमार विज और इंद्रेश भाटिया एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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गुरु नानक देव प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में प्रभातफेरियां शुरू
कोटद्वार। शनिवार तड़के पांच बजे गोविंद नगर स्थित गुरुद्वारे से पहली प्रभातफेरी की शुरुआत हुई। गुरुबाणी गायन करते हुए संगत महिमा सिंह और अनिल भोला के आवास पर पहुंची। यहां गुरजंट सिंह, शूरवीर सिंह, रमेश भाटिया, दीपक भाटिया, पुष्पा भाटिया और प्रवेश भाटिया आदि संगत ने शबद गायन किया। समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। प्रभातफेरी वापस गुरुद्वारे पहुंचकर संपन्न हुई। निशान साहिब की सेवा जतिन भाटिया ने की।
शुक्रवार शाम रहिरास साहिब के पाठ के बाद बंदी छोड़ दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा साहिब में विशेष दीवान सजाए गए। मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरजंट सिंह की देखरेख में शबद कीर्तन का गायन हुआ। कथा विचार करते हुए ज्ञानी गुरजंट सिंह ने बंदी छोड़ दिवस पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि छहवें गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ने ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को मुगल शासक की कैद से आजाद कराया था। इन 52 राजाओं के सकुशल अपने राज्यों में पहुंचने पर लोगों ने दीये जलाकर, आतिशबाजी कर और मिष्ठान बांटकर खुशी जताई थी। तब दिवाली का ही दिन था। तभी से सिख धर्म में भी बंदी छोड़ दिवस जीत के उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
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अनंद साहिब के पाठ, अरदास एवं हुकुमनामे के साथा विशेष दीवान का समापन हुआ। इससे पहले श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में दीये और मोमबत्ती जलाकर दीपमाला की। गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान अनिल कुमार भोला की देखरेख में हुए कार्यक्रम में अश्विनी भाटिया, अशोक भाटिया, महेश भाटिया, डॉ. राजकुमार विज और इंद्रेश भाटिया एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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गुरु नानक देव प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में प्रभातफेरियां शुरू
कोटद्वार। शनिवार तड़के पांच बजे गोविंद नगर स्थित गुरुद्वारे से पहली प्रभातफेरी की शुरुआत हुई। गुरुबाणी गायन करते हुए संगत महिमा सिंह और अनिल भोला के आवास पर पहुंची। यहां गुरजंट सिंह, शूरवीर सिंह, रमेश भाटिया, दीपक भाटिया, पुष्पा भाटिया और प्रवेश भाटिया आदि संगत ने शबद गायन किया। समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। प्रभातफेरी वापस गुरुद्वारे पहुंचकर संपन्न हुई। निशान साहिब की सेवा जतिन भाटिया ने की।