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सिद्धपीठ कालिंका मेला किया राजकीय घोषित
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पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि बीरोंखाल हीरो ऑफ द नेफा जसवंत सिंह और वीर बाला तीलू रौतेली की जन्मभूमि है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाली सड़क को कोठा से कालिंकाखाल तक मिलाया जाएगा। उन्होंने सिद्धपीठ कालिंका मेले को राजकीय मेले के रूप में मनाने की घोषणा की।
बीरोंखाल ब्लॉक के अंतर्गत राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवीखाल कोठा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवीखाल के कक्ष- कक्षों के निर्माण के लिए विधायक निधि से 2.50 लाख की धनराशि और फर्नीचर के लिए एक लाख की धनराशि देने की घोषणा की। कहा कि इस बार 14 दिसंबर को मनाए जाने वाले कालिंका मेले में संस्कृति विभाग उत्तराखंड सरकार की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और मेले को भव्य रूप से मनाया जाएगा। कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाली सड़क को कोठा से कालिंकाखाल तक मिलाया जाएगा। कहा कि बीरोंखाल में साहसिक व धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यह जसवंत सिंह व वीर बाला तीलू रौतेली की जन्मभूमि है। उन्होंने पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी को निर्देश दिए कि बीरोंखाल के रसिया महादेव, बैजरो और बीरोंखाल के प्रस्तावित व निर्माणाधीन पर्यटन भवनों के निर्माण में तेजी लाने, पैराग्लाइडिंग व होम स्टे पर फोकस करें। उन्होंने लोनिवि के अधिकारियों को कोठा क्षेत्र की निर्माणाधीन सड़क को ब्लाक मुख्यालय बीरोंखाल से अगले 6 माह में जोड़ने के निर्देश दिए।
खुशहाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, प्रमुख राजेश कंडारी, विजेंद्र ध्यानी, यूजर्स के डायरेक्टर ओमपाल बिष्ट, धीरेंद्र चंद, कृतेश नेगी आदि उपस्थित रहे। संचालन हयात सिंह ने किया।
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बीरोंखाल ब्लॉक के अंतर्गत राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवीखाल कोठा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवीखाल के कक्ष- कक्षों के निर्माण के लिए विधायक निधि से 2.50 लाख की धनराशि और फर्नीचर के लिए एक लाख की धनराशि देने की घोषणा की। कहा कि इस बार 14 दिसंबर को मनाए जाने वाले कालिंका मेले में संस्कृति विभाग उत्तराखंड सरकार की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और मेले को भव्य रूप से मनाया जाएगा। कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाली सड़क को कोठा से कालिंकाखाल तक मिलाया जाएगा। कहा कि बीरोंखाल में साहसिक व धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यह जसवंत सिंह व वीर बाला तीलू रौतेली की जन्मभूमि है। उन्होंने पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी को निर्देश दिए कि बीरोंखाल के रसिया महादेव, बैजरो और बीरोंखाल के प्रस्तावित व निर्माणाधीन पर्यटन भवनों के निर्माण में तेजी लाने, पैराग्लाइडिंग व होम स्टे पर फोकस करें। उन्होंने लोनिवि के अधिकारियों को कोठा क्षेत्र की निर्माणाधीन सड़क को ब्लाक मुख्यालय बीरोंखाल से अगले 6 माह में जोड़ने के निर्देश दिए।
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खुशहाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, प्रमुख राजेश कंडारी, विजेंद्र ध्यानी, यूजर्स के डायरेक्टर ओमपाल बिष्ट, धीरेंद्र चंद, कृतेश नेगी आदि उपस्थित रहे। संचालन हयात सिंह ने किया।
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