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आर्य समाज के लोगों ने लिया वैदिक संस्कृति को घर-घर पहुंचाने का संकल्प
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कोटद्वार। आर्य समाज कोटद्वार की ओर से आयोजित वेद प्रचार महोत्सव के अंतिम दिन लोगों ने हवन यज्ञ में पूर्णाहुति डालकर वैदिक संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन के किए उसे घर-घर पहुंचाने का संकल्प लिया।
रविवार को नजीबाबाद रोड स्थित आर्य सभा सभागार में आयोजित महोत्सव के अंतिम दिन प्रवचन करते हुए आचार्य चंद्र देव ने कहा कि अच्छे संस्कारों से ही मजबूत राष्ट्र की कल्पना की जा सकती है। जब जब देश के समक्ष जाति, क्षेत्र, धर्म की तुच्छ भावनाओं ने सिर उठाया, तब तब आर्य समाज की वैदिक जीवन पद्धति ने इनका मुंहतोड़ जवाब दिया। न्याय और सत्मार्ग पर चलने से ही हमारा राष्ट्र एकता सूत्र में बांधा जा सकता है।
आचार्य चंद्र देव ने कहा कि आज पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में देश की पौराणिक संस्कृति बिगड़ती जा रही है। युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। समाज में विकृतियां फैल रही हैं। ऐसे समय में समाज को वैदिक संस्कृति से जोड़ने की अधिक आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से वैदिक जीवन पद्धति से समाज में फैली बुराइयों को दूर करने की अपील की।
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इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान सुशील गुप्ता, महेश वर्मा, आनंद प्रकाश, राजेंद्र ग्रोवर, अजय ग्रोवर, मन्नू ग्रोवर, नंदन सिंह रावत, अनिल अग्रवाल, सुखदेव, ओमप्रकाश गुप्ता, राजीव वर्मा, महेंद्र सैनी, विनोद ध्यानी, योगेंद्र कुमार, भारत लाल, प्रकाश दीप, सुनीता अग्रवाल, हिमांशु अग्रवाल, वरुण आदि मौजूद थे। महोत्सव का संचालन आशुतोष वर्मा ने किया।
-फोटो
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रविवार को नजीबाबाद रोड स्थित आर्य सभा सभागार में आयोजित महोत्सव के अंतिम दिन प्रवचन करते हुए आचार्य चंद्र देव ने कहा कि अच्छे संस्कारों से ही मजबूत राष्ट्र की कल्पना की जा सकती है। जब जब देश के समक्ष जाति, क्षेत्र, धर्म की तुच्छ भावनाओं ने सिर उठाया, तब तब आर्य समाज की वैदिक जीवन पद्धति ने इनका मुंहतोड़ जवाब दिया। न्याय और सत्मार्ग पर चलने से ही हमारा राष्ट्र एकता सूत्र में बांधा जा सकता है।
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आचार्य चंद्र देव ने कहा कि आज पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में देश की पौराणिक संस्कृति बिगड़ती जा रही है। युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं। समाज में विकृतियां फैल रही हैं। ऐसे समय में समाज को वैदिक संस्कृति से जोड़ने की अधिक आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से वैदिक जीवन पद्धति से समाज में फैली बुराइयों को दूर करने की अपील की।
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इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान सुशील गुप्ता, महेश वर्मा, आनंद प्रकाश, राजेंद्र ग्रोवर, अजय ग्रोवर, मन्नू ग्रोवर, नंदन सिंह रावत, अनिल अग्रवाल, सुखदेव, ओमप्रकाश गुप्ता, राजीव वर्मा, महेंद्र सैनी, विनोद ध्यानी, योगेंद्र कुमार, भारत लाल, प्रकाश दीप, सुनीता अग्रवाल, हिमांशु अग्रवाल, वरुण आदि मौजूद थे। महोत्सव का संचालन आशुतोष वर्मा ने किया।
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