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वीर शहीदों के अदम्य साहस को याद किया
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Tue, 26 Jul 2016 10:48 PM IST
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कारगिल विजय दिवस के अवसर पर विभिन्न संगठनों ने कारगिल के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उन्हें अदम्य साहस और वीरता के लिए याद किया। साथ ही शहीदों के परिजनों को सम्मनित किया।
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मंगलवार को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास लैंसडौन की ओर से आयोजित समारोह में कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए गढ़वाल राइफल्स के नायक स्व. सुरेंद्र सिंह की पत्नी दमयंती देवी, नागा रेजिमेंट के शहीद स्व. भरत सिंह रावत की पत्नी विनिता रावत, पैरा रेजिमेंट के शहीद स्व. नायक अनिल सिंह की पत्नी आशा देवी और गढ़वाल राइफल्स के हवलदार स्व. मदन सिंह की पत्नी जीना देवी को सम्मानित किया गया। कोटद्वार तहसीलदार सीएस रावत ने शहीदों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
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जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास के सहायक अधिकारी चंडी प्रसाद धूलिया ने कहा कि देश की सीमा पर देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले शहीदों के बलिदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।
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कांग्रेस के जिला कार्यकर्ता सम्मेलन में कारगिल के शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने जिन्ना देवी, सुशीला देवी, मुन्नी देवी, सतेश्वरी देवी, पीतांबरी देवी, बचुली देवी और धनमंती देवी और मधु देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। भाजपा के पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत और कार्यकर्ताओं ने उनके कैंप कार्यालय में कारगिल दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
पूर्व राज्यमंत्री ने भी किया सम्मानित
थैलीसैंण के बीर चंद्रसिंह गढ़वाली के स्मारक स्थली पीठसैण में विभिन्न युद्धों में भारत का नेतृत्व करने वाले 102 सैनिकों और उनके परिजनों को पूर्व रक्षा राज्यमंत्री बचे सिंह रावत ने शॉल स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर रावत ने कहा कि कारगिल युद्ध में सर्वाधिक 75 जवान उत्तराखंड के शहीद हुए थे। इस अवसर पर पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी, पूर्व विधायक महेन्द्र भट्ट, पूर्व प्रमुख शंकर सिंह रावत, मातवर सिह रावत, धनसिंह रावत, राजेंद्र रौथाण और नीरज पांथरी आदि थे।