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सरकार के खिलाफ नारे लगाना देशद्रोह नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Fri, 18 Mar 2016 10:54 PM IST
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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने देशद्रोह संबंधी कानून में संशोधन की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ नारे लगाना देशद्रोह का मामला नहीं होता है, लेकिन कोई देश के खिलाफ बोलता है तो वह देशद्रोही कहा जाएगा। ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
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एसएसबी अकादमी में सहायक सेनानियों के दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि इस संबंध में लॉ कमीशन को भी लिखा है। सीमांत क्षेत्रों में सड़क मार्गों के संबंध में उन्होंने कहा कि हाल ही में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के साथ वार्ता हुई है।
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लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक सीमा में तेजी से सड़क बनवाई जाएगी। निर्देश दिए गए हैं कि निर्माणाधीन सड़कों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर स्थानीय लोगों को काम करने का ठेका दें। इससे सड़क का निर्माण तेजी से होगा।
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उन्होंने कहा कि एसएसबी अकादमी को ऐसे प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उच्चीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां देश के ही नहीं, बल्कि विदेशी अधिकारी भी प्रशिक्षण ले सकें। उत्तराखंड आपदा प्रभावित क्षेत्र है। ऐसे में एसएसबी का मजबूत होना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि वह उत्तराखंड आते रहते हैं और यहां की खूबसूरती के कायल हैं। देवभूमि मेें आकर मन को शांति मिलती है। ऐसा लगता है कि भगवान के करीब आ गए हों। वह कुमाऊं में नाभिढांग तक पैदल गए हैं। यह पहला अवसर था जब कोई केंद्रीय मंत्री वहां वहां तक पहुंचा।