{"_id":"5d386cd78ebc3e6d0f40da1e","slug":"people-getting-imprisoned-in-the-houses-in-the-posterior-areas-kotdwar-news-drn3140049186","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेंधीखाल क्षेत्र में शाम ढलते ही घरों में कैद हो रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेंधीखाल क्षेत्र में शाम ढलते ही घरों में कैद हो रहे लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग क्षेत्र के अंतर्गत बाघ द्वारा एक वन श्रमिक को मारने और एक बाइक सवार पर हमला करने के बाद सेंधीखाल क्षेत्र में लोग बाघ के भय से सहमे हुए हैं। खतरे को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त तेज कर दी है।
गत 15 जुलाई को कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग की प्लेन रेंज में गश्त के दौरान दैनिक श्रमिक सोहन सिंह को बाघ ने अपना निवाला बना दिया था। तब से बाघ के आदमखोर होने की आशंका जताई जा हैं। 20 जुलाई शनिवार शाम को दुगड्डा-नैनीडांडा मोटर मार्ग पर सेंधीखाल के पास एक बाइक सवार पर बाघ के हमले के बाद क्षेत्र में दहशत बढ़ गई है। सेंधीखाल के आसपास के क्षेत्र बिनताला, सेरूबाड़ी, मंजोला, अमलेषा, लांगबाड़ी, धौड़ा वल्ला और पल्ला समेत कई गांवों के लोगों में बाघ को लेकर दहशत बनी हुई है। भय का आलम यह है कि लोग शाम ढलते ही अपने घरों में बंद हो जा रहे हैं। बच्चों को दिन में भी अकेले नहीं छोड़ रहे हैं।
जीवानंद पहाड़ी, घुंघरी देवी, भोपाल सिंह, राजेंद्र सिंह रावत, केशवानंद घिल्डियाल, पार्वती देवी, रानी रावत, रजनी देवी ने बताया कि गांव के पास घना जंगल और झाड़ियां होने के कारण बाघ के हमले का खतरा बना हुआ है। वन विभाग को लोगों की सुरक्षा के लिए उस बाघ को आदमखोर घोषित कर देना चाहिए।
विज्ञापन
उधर, केटीआर के प्लेन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी डीएन ध्यानी ने बताया कि बाघ जंगल के आठ किमी बीहड़ में है। फिर भी एहतियात के तौर पर ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है।
विज्ञापन
गत 15 जुलाई को कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग की प्लेन रेंज में गश्त के दौरान दैनिक श्रमिक सोहन सिंह को बाघ ने अपना निवाला बना दिया था। तब से बाघ के आदमखोर होने की आशंका जताई जा हैं। 20 जुलाई शनिवार शाम को दुगड्डा-नैनीडांडा मोटर मार्ग पर सेंधीखाल के पास एक बाइक सवार पर बाघ के हमले के बाद क्षेत्र में दहशत बढ़ गई है। सेंधीखाल के आसपास के क्षेत्र बिनताला, सेरूबाड़ी, मंजोला, अमलेषा, लांगबाड़ी, धौड़ा वल्ला और पल्ला समेत कई गांवों के लोगों में बाघ को लेकर दहशत बनी हुई है। भय का आलम यह है कि लोग शाम ढलते ही अपने घरों में बंद हो जा रहे हैं। बच्चों को दिन में भी अकेले नहीं छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
जीवानंद पहाड़ी, घुंघरी देवी, भोपाल सिंह, राजेंद्र सिंह रावत, केशवानंद घिल्डियाल, पार्वती देवी, रानी रावत, रजनी देवी ने बताया कि गांव के पास घना जंगल और झाड़ियां होने के कारण बाघ के हमले का खतरा बना हुआ है। वन विभाग को लोगों की सुरक्षा के लिए उस बाघ को आदमखोर घोषित कर देना चाहिए।
विज्ञापन
उधर, केटीआर के प्लेन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी डीएन ध्यानी ने बताया कि बाघ जंगल के आठ किमी बीहड़ में है। फिर भी एहतियात के तौर पर ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है।