जीआईसी रिखणीखाल में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर अभिभावकों का बीईओ कार्यालय में धरना-प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। अभिभावकों ने अपने बच्चों को शनिवार को पांचवें दिन भी विद्यालय नहीं भेजा, जिस कारण कक्षाएं संचालित नहीं हुईं। अभिभावकों ने कहा कि बिना शिक्षकों के पढ़ाई कैसे होगी।
शनिवार को जीआईसी रिखणीखाल में शिक्षकों की तैनाती के लिए अभिभावकों को धरना प्रदर्शन पांचवें भी जारी रहा। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार पर विद्यालयों की अनदेखी करने और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। विद्यालय के पीटीए अध्यक्ष प्रमोद रावत और सिलबेड़ी के प्रधान रमेश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जीआईसी रिखणीखाल में शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा रही है, जिससे विद्यालय के 250 बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। कहा कि शिक्षकों के 11 पद रिक्त होने से विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है। अभिभावकों ने कहा कि जब तक विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति और विद्यालय के कोटिकरण में सुधार नहीं होता तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन में रविंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, सुभाष मैंदोला, आलम सिंह, धनवीर सिंह, रमेश चंद्र, मुन्नी देवी, सीमा देवी, अनुराधा देवी, रेना देवी व संजू देवी आदि मौजूद रही।