{"_id":"576570d74f1c1b591811c29b","slug":"panic-in-the-village-of-kota-guldar","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटा गांव में गुलदार का आतंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटा गांव में गुलदार का आतंक
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Sat, 18 Jun 2016 09:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमकेश्वर ब्लाक के कोटा व आसपास के गांवों में गुलदार का आतंक अब भी बना हुआ है। इससे बचाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए जाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है।
विज्ञापन
शनिवार को नीलकंठ में कांवड मेला संबंधी बैठक में आए जिलाधिकारी को कोटा गांव के लोगों ने ज्ञापन सौंपा। कहा, शिकारी टीम दो दिन गांव में रुकने के बाद लौट गई। ऐसे में लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार शाम को एक गुलदार पुलानी गांव में रणजीत लाल व भरत लाल की छत में चहलकदमी करते देखा गया।
विज्ञापन
इससे पहले दिन वह धनार गांव में देखा गया। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान प्रभा देवी, जिला पंचायत सदस्य गीता राणा, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजपाल सिंह, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष देेवेंद्र राणा, होशियार सिंह और भूूपेंद्र सिंह आदि थे।
विज्ञापन