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पलायन के साथ हमारी संस्कृति और पहचान भी जा रही है : डॉ. अनिल जोशी
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पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन पर आधारित गढ़वाली फिल्म ‘मेरु गौं’ कोटद्वार के प्राइड सिनेमा में शुरू हो गई। फिल्म पूरी होने के बाद दर्शकों के चेहरे पर पहाड़ की पीड़ा देखने को मिली। फिल्म देखकर पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि पलायन के साथ हमारी संस्कृति, हमारी पहचान भी जा रही है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
शुक्रवार को फिल्म का उद्घाटन पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की मौजूदगी में मेयर हेमलता नेगी ने रिबन काटकर किया। पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि पहाड़ों से हो रहे पलायन के साथ हमारी संस्कृति, हमारे संसाधन और हमारी पहचान भी जा रही है। व्यक्ति की पहचान उसके गांव व बोली से होती है, जिसे हम खोते जा रहे हैं। जिस प्रकार लगातार पलायन से लोगों की संख्या घट रही है, उसी प्रकार विधायक भी घट जाएंगे। घटते-घटते हालात यह हो जाएगी कि पहाड़ का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं रहेगा। यह फिल्म इस बात का अहसास दिलाती है कि आखिर राज्य किसके लिए बनाया गया था। राज्य पहाड़ों के गांव के लिए ही मांगा गया था, अगर गांव ही खाली हो रहे हैं तो इसे उत्तराखंड का सबसे बड़ा संकट माना जाना चाहिए।
इस अवसर पर फिल्म के निर्माता व अभिनेता राकेश गौड़, अभिनेत्री गीता गुसाईं नेगी, वरिष्ठ रंगकर्मी अभिषेक मैंदोला, गोविंद डंडरियाल, विकास देवरानी, गीता नेगी, शोभा रावत, शशिभूषण अमोली आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को फिल्म का उद्घाटन पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी और पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की मौजूदगी में मेयर हेमलता नेगी ने रिबन काटकर किया। पद्मश्री डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि पहाड़ों से हो रहे पलायन के साथ हमारी संस्कृति, हमारे संसाधन और हमारी पहचान भी जा रही है। व्यक्ति की पहचान उसके गांव व बोली से होती है, जिसे हम खोते जा रहे हैं। जिस प्रकार लगातार पलायन से लोगों की संख्या घट रही है, उसी प्रकार विधायक भी घट जाएंगे। घटते-घटते हालात यह हो जाएगी कि पहाड़ का प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं रहेगा। यह फिल्म इस बात का अहसास दिलाती है कि आखिर राज्य किसके लिए बनाया गया था। राज्य पहाड़ों के गांव के लिए ही मांगा गया था, अगर गांव ही खाली हो रहे हैं तो इसे उत्तराखंड का सबसे बड़ा संकट माना जाना चाहिए।
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इस अवसर पर फिल्म के निर्माता व अभिनेता राकेश गौड़, अभिनेत्री गीता गुसाईं नेगी, वरिष्ठ रंगकर्मी अभिषेक मैंदोला, गोविंद डंडरियाल, विकास देवरानी, गीता नेगी, शोभा रावत, शशिभूषण अमोली आदि मौजूद थे।
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