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Kotdwar News: कोटद्वार में खोलें उत्तराखंड एरिया की सैनिक सब एरिया कंपनी
Sun, 30 Nov 2025 04:21 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 30 Nov 2025 04:21 PM IST
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कोटद्वार। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद से जुड़े पूर्व सैनिकों ने कोटद्वार में उत्तराखंड एरिया की एक सैनिक सब एरिया कंपनी खोलने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को ज्ञापन भेजा है।
पूर्व सैनिकों ने ज्ञापन में कहा कि पहाड़ से पलायन कर कोटद्वार में रह रहे सैनिक अब महानगरों की ओर पलायन के लिए मजबूर हैं। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद उत्तर प्रदेश एरिया बरेली की तीसरी कंपनी देहरादून में स्थापित थी, उसे अब उत्तर प्रदेश से पृथक कर उत्तराखंड एरिया बना दिया गया है। इसके बाद भी गढ़वाल क्षेत्र विकसित नहीं हो सका है।
उत्तराखंड एरिया के माध्यम से जो सुविधाएं पूर्व एवं सेवारत सैनिकों को मिलनी चाहिए थी, वह उत्तराखंड एरिया का विस्तार न होने के कारण रुक गई हैं। कहा कि अगर कोटद्वार में सब एरिया खुल जाता है तो गढ़वाल के सभी पूर्व एवं सेवारत सैनिकों को सीएसडी, ईसीएचएस आदि सुविधाएं मिल पाएंगी। कहा कि गढ़वाल राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर लैंसडौन के पास समय के साथ ही बजट भी उपलब्ध नहीं रहता।
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ज्ञापन में कहा कि कमांडेंट व अधीनस्थ अधिकारी ट्रेनिंग में व्यस्त रहने के कारण पूर्व व सेवारत सैनिकों के मुद्दों को हल नहीं कर पाते हैं। देश के अन्य राज्यों में जहां भी ट्रेनिंग सेंटर हैं वहां प्रशासनिक कार्य को सब एरिया कंपनी ही देखती है। कोटद्वार में सब एरिया कंपनी खुलने से सैनिकों के पलायन पर रोक लगेगी। ज्ञापन भेजने वालों में परिषद के प्रांतीय सचिव सेवानिवृत्त कैप्टन सीपी डोबरियाल, सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर कुलदीप रावत, सीपी धूलिया, सेवानिवृत्त सूबेदार विनोद ध्यानी, राजेंद्र जजेड़ी, हरीश चंद्र खुगशाल आदि शामिल रहे।
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पूर्व सैनिकों ने ज्ञापन में कहा कि पहाड़ से पलायन कर कोटद्वार में रह रहे सैनिक अब महानगरों की ओर पलायन के लिए मजबूर हैं। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद उत्तर प्रदेश एरिया बरेली की तीसरी कंपनी देहरादून में स्थापित थी, उसे अब उत्तर प्रदेश से पृथक कर उत्तराखंड एरिया बना दिया गया है। इसके बाद भी गढ़वाल क्षेत्र विकसित नहीं हो सका है।
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उत्तराखंड एरिया के माध्यम से जो सुविधाएं पूर्व एवं सेवारत सैनिकों को मिलनी चाहिए थी, वह उत्तराखंड एरिया का विस्तार न होने के कारण रुक गई हैं। कहा कि अगर कोटद्वार में सब एरिया खुल जाता है तो गढ़वाल के सभी पूर्व एवं सेवारत सैनिकों को सीएसडी, ईसीएचएस आदि सुविधाएं मिल पाएंगी। कहा कि गढ़वाल राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर लैंसडौन के पास समय के साथ ही बजट भी उपलब्ध नहीं रहता।
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ज्ञापन में कहा कि कमांडेंट व अधीनस्थ अधिकारी ट्रेनिंग में व्यस्त रहने के कारण पूर्व व सेवारत सैनिकों के मुद्दों को हल नहीं कर पाते हैं। देश के अन्य राज्यों में जहां भी ट्रेनिंग सेंटर हैं वहां प्रशासनिक कार्य को सब एरिया कंपनी ही देखती है। कोटद्वार में सब एरिया कंपनी खुलने से सैनिकों के पलायन पर रोक लगेगी। ज्ञापन भेजने वालों में परिषद के प्रांतीय सचिव सेवानिवृत्त कैप्टन सीपी डोबरियाल, सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर कुलदीप रावत, सीपी धूलिया, सेवानिवृत्त सूबेदार विनोद ध्यानी, राजेंद्र जजेड़ी, हरीश चंद्र खुगशाल आदि शामिल रहे।