फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   One dead in conflict between two elephants, panic in forest department

Kotdwar News: दो हाथियों के संघर्ष में एक की मौत, वन विभाग में मचा हड़कंप

Sun, 24 Nov 2024 10:17 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2024 10:17 PM IST
विज्ञापन
One dead in conflict between two elephants, panic in forest department

विज्ञापन
कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज के सुखरो बीट के पनियाली कंपार्ट के कक्ष संख्या दो में रविवार दोपहर करीब दो बजे दो हाथियों के संघर्ष में एक की मौत हो गई। मृत हाथी की उम्र 35 से 40 साल के बीच है। हाथी की मौत की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मंच गया। सूचना पर डीएफओ समेत वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। दो चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के बाद हाथी का शव दफना दिया गया।



लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि कोटद्वार रेंज की सुखरो बीट के पनियाली कंपार्ट में दो हाथियों में आपसी संघर्ष हुआ। इस दौरान एक हाथी के शरीर में दूसरे का दांत लगने से गहरे जख्म हो गए। जिस पर उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हाथी के मरने की सूचना वनकर्मियों ने उच्चाधिकारियों को दी। सूचना पर डीएफओ आकाश गंगवार, एसडीओ मनिंदर कौर, दुगड्डा के रेंजर उमेश जोशी समेत वनकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी बीएम गुप्ता और पशु चिकित्सक केश रंजन के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के बाद हाथी के शव को दफना दिया।
विज्ञापन


डीएफओ ने बताया कि मृत हाथी मखना प्रजाति का है। उसके शरीर में दांत लगने से कई गहरे जख्म हो गए थे। उधर, हाथी के मरने की भनक लगते ही घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वनकर्मियों ने किसी तरह लोगों को घटनास्थल पर जाने से रोका। लोगों का कहना था कि सड़क किनारे सटे शिवपुर वार्ड में घनी आबादी है। आबादी क्षेत्र में अक्सर हाथियों की धमक बनी रहती है। गनीमत यह है कि हाथी ने अभी तक किसी की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




काफी देर तक चला संघर्ष



घटना के प्रत्यक्षदर्शी त्रिलोक सिंह और उसके साथी ने बताया कि दोनों पनियाली बीट में वन विभाग के नगर वन के पास बकरियां चरा रहे थे। इस दौरान दोनों हाथी लड़ते-लड़ते वहां पहुंचे। एक हाथी काफी घायल था। उसके शरीर से खून निकल रहा था। पनियाली गदेरे में जगह-जगह खून बिखरा हुआ था। करीब एक घंटे तक चले संघर्ष के बाद घायल हाथी ने दम तोड़ दिया। उसके बाद दूसरा हाथी वहां से जंगल की ओर चला गया। उन्होंने बताया कि जिस समय हाथियों में संघर्ष चल रहा था, वे कुछ ही फासले पर थे। उन्होंने भागकर जान बचाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed