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शिक्षक के खाते से 10 लाख रुपये उड़ाने के मामले में एक गिरफ्तार, मास्टर माइंड फरार
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एक शिक्षक को बैंक के योनो एप को ऑनलाइन सर्च करना महंगा पड़ गया। ठग ने बैंक अधिकारी बनकर शिक्षक से आवश्यक जानकारी जुटाते हुए खाते से करीब 10 लाख रुपये की रकम उड़ा ली। पुलिस ने इस मामले में उस खातेधारक को गिरफ्तार कर लिया जिसके खाते में ठगी की गई रकम जमा हुई थी। ठगी का मास्टरमाइंड अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
बृहस्पतिवार को कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में एएसपी शेखर चंद्र सुयाल ने कहा कि विगत तीन जून को आमपड़ाव कोटद्वार निवासी शिक्षक शकील खान ने अपने स्टेट बैंक के खाते को ऑनलाइन बैंकिंग से जोड़ने के लिए बैंक के योनो एप को डाउनलोड किया। एप के काम नहीं करने पर वे एप के बारे में ऑनलाइन सर्च करने लगे। इसके बाद उसके मोबाइल नंबर पर एक व्यक्ति ने स्वयं को बैंक अधिकारी बताते हुए शिक्षक की पूरी बैंक डिटेल यूजर आईडी, पासवर्ड, ओटीपी लेकर उसके बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर लिंक कर दिया। इसके बाद ठग ने शिक्षक के खाते से 10.25 लाख रुपये निकाल लिए। शिक्षक जब अगले दिन अपने बैंक खाते की डिटेल लेने के लिए बैंक गया तो खाते से 10.25 लाख रुपये निकले देख उसके होश उड़ गए। शिक्षक तत्काल कोतवाली पहुंचा और उसके साथ धोखाधड़ी होने की जानकारी दी।
एएसपी सुयाल ने बताया कि ऑनलाइन ठगी होने की शिकायत मिलते ही साइबर सेल की मदद से गुजरात प्रांत के संबंधित बैंक से संपर्क किया। पता चला कि ठग ने जिस खाते में 10.25 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर की उसका खाताधारक बाला रियाज निवासी अंकलेश्वर गुजरात है। उसने उक्त रकम में से पांच लाख रुपये निकाल लिए थे। पुलिस ने उस खाते में से बचे पांच लाख रुपये की रकम को होल्ड करा दिया और खाताधारक को गिरफ्तार कर पुलिस कोटद्वार ले आई। उसके पास से चार बैंक पास बुक, छह चेक बुक, तीन एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके कई बैंकों में करीब 15 खाते हैं। वह हैकर्स को बैंक खाते उपलब्ध करवाता था और इसकी एवज में प्रत्येक खाते के हिसाब से मोटी रकम प्राप्त करता था। ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड मात्र आठवीं पास है। उसे दबोचने के लिए पुलिस टीमें भेजी गई हैं।
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बृहस्पतिवार को कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में एएसपी शेखर चंद्र सुयाल ने कहा कि विगत तीन जून को आमपड़ाव कोटद्वार निवासी शिक्षक शकील खान ने अपने स्टेट बैंक के खाते को ऑनलाइन बैंकिंग से जोड़ने के लिए बैंक के योनो एप को डाउनलोड किया। एप के काम नहीं करने पर वे एप के बारे में ऑनलाइन सर्च करने लगे। इसके बाद उसके मोबाइल नंबर पर एक व्यक्ति ने स्वयं को बैंक अधिकारी बताते हुए शिक्षक की पूरी बैंक डिटेल यूजर आईडी, पासवर्ड, ओटीपी लेकर उसके बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर लिंक कर दिया। इसके बाद ठग ने शिक्षक के खाते से 10.25 लाख रुपये निकाल लिए। शिक्षक जब अगले दिन अपने बैंक खाते की डिटेल लेने के लिए बैंक गया तो खाते से 10.25 लाख रुपये निकले देख उसके होश उड़ गए। शिक्षक तत्काल कोतवाली पहुंचा और उसके साथ धोखाधड़ी होने की जानकारी दी।
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एएसपी सुयाल ने बताया कि ऑनलाइन ठगी होने की शिकायत मिलते ही साइबर सेल की मदद से गुजरात प्रांत के संबंधित बैंक से संपर्क किया। पता चला कि ठग ने जिस खाते में 10.25 लाख रुपये की रकम ट्रांसफर की उसका खाताधारक बाला रियाज निवासी अंकलेश्वर गुजरात है। उसने उक्त रकम में से पांच लाख रुपये निकाल लिए थे। पुलिस ने उस खाते में से बचे पांच लाख रुपये की रकम को होल्ड करा दिया और खाताधारक को गिरफ्तार कर पुलिस कोटद्वार ले आई। उसके पास से चार बैंक पास बुक, छह चेक बुक, तीन एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके कई बैंकों में करीब 15 खाते हैं। वह हैकर्स को बैंक खाते उपलब्ध करवाता था और इसकी एवज में प्रत्येक खाते के हिसाब से मोटी रकम प्राप्त करता था। ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड मात्र आठवीं पास है। उसे दबोचने के लिए पुलिस टीमें भेजी गई हैं।
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