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सुखरो नदी में कटाव से नींबूचौड़ पुल दो इंच धंसा
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नींबूचौड़ का सुखरो पुल अनियोजित व अवैध खनन की भेंट चढ़ गया है। पिलर के नीचे हुए कटाव से पुल करीब दो इंच धंस गया है। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन व लोनिवि के अधिकारियों ने पुल पर आवाजाही रोक दी है। लोनिवि ने नदी के पानी को डायवर्ट कर पुल के पिलर की मरम्मत शुरू कर दी है। खनन के कारण हुए कटाव से मोटर पुल के अन्य पिलरों पर भी खतरा बना हुआ है।
बृहस्पतिवार रात बारिश से उफनाई सुखरो नदी में बने 385 मीटर स्पान के नींबूचौड़ मोटर पुल का एक पिलर धंस गया। पिलर धंसते ही पुल भी दो इंच नीचे हो गया।
एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि घटनाक्रम की जानकारी जिलाधिकारी पौड़ी को दी गई है। पुल पर दीवार बनाकर ट्रैफिक रोक दिया गया है। भाबर के गांवों के साथ ही लालढांग और हरिद्वार की ओर चलने वाले वाहन पुल के ठीक होने तक कौड़िया-बीईएल पुल होते हुए मोटाढांक से आवाजाही करेंगे।
नींबूचौड़ की पार्षद गीता नेगी समेत क्षेत्र के नागरिकों ने पुल के धंसने की वजह लोक निर्माण विभाग की लचर कार्यशैली व उदासीनता बताई। कहा कि दो साल से पुल पर खतरा मंडरा रहा है, समय रहते इस ओर ध्यान दिया जाता तो यह नौबत नहीं आती।
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लोनिवि के अधिकारी पुल के धंसने का कारण पुल के अपरस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में 300 मीटर तक हुए गहरे खुदाई और अवैध खनन को बता रहे हैं।
अधिशासी अभियंता डीपी सिंह का कहना है कि उनके पूर्वाधिकारी साल 2020 से लगातार पुल के आसपास अवैध खनन को रोकने के लिए पत्राचार कर रहे थे।
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एक्सपर्ट व टेक्निकल टीम कल करेगी निरीक्षण
कोटद्वार। लोक निर्माण विभाग सुखरो पुल के धंसाव पर एक्सपर्ट व टेक्निकल कमेटी की राय लेगी। शनिवार को उक्त कमेटी के सदस्य सुखरो पुल का निरीक्षण करेगी। अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि पुल की प्रारंभिक मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। अन्य कार्य कमेटी के सुझाव के बाद किए जाएंगे। पुल धंसने की सूचना मिलने पर लोनिवि के अधीक्षण अभियंता बीएस बृजवाल ने मोटर पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मोटर पुल से ऊपर का भूभाग लैंसडौन वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र में पड़ता है। बृहस्पतिवार को भी एक बार नदी में जेसीबी उतारकर पानी का बहाव डायवर्ट करने का प्रयास किया गया था, लेकिन तब वन विभाग ने बिना अनुमति कार्य करने से रोक दिया था।
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बृहस्पतिवार रात बारिश से उफनाई सुखरो नदी में बने 385 मीटर स्पान के नींबूचौड़ मोटर पुल का एक पिलर धंस गया। पिलर धंसते ही पुल भी दो इंच नीचे हो गया।
एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि घटनाक्रम की जानकारी जिलाधिकारी पौड़ी को दी गई है। पुल पर दीवार बनाकर ट्रैफिक रोक दिया गया है। भाबर के गांवों के साथ ही लालढांग और हरिद्वार की ओर चलने वाले वाहन पुल के ठीक होने तक कौड़िया-बीईएल पुल होते हुए मोटाढांक से आवाजाही करेंगे।
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नींबूचौड़ की पार्षद गीता नेगी समेत क्षेत्र के नागरिकों ने पुल के धंसने की वजह लोक निर्माण विभाग की लचर कार्यशैली व उदासीनता बताई। कहा कि दो साल से पुल पर खतरा मंडरा रहा है, समय रहते इस ओर ध्यान दिया जाता तो यह नौबत नहीं आती।
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लोनिवि के अधिकारी पुल के धंसने का कारण पुल के अपरस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में 300 मीटर तक हुए गहरे खुदाई और अवैध खनन को बता रहे हैं।
अधिशासी अभियंता डीपी सिंह का कहना है कि उनके पूर्वाधिकारी साल 2020 से लगातार पुल के आसपास अवैध खनन को रोकने के लिए पत्राचार कर रहे थे।
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एक्सपर्ट व टेक्निकल टीम कल करेगी निरीक्षण
कोटद्वार। लोक निर्माण विभाग सुखरो पुल के धंसाव पर एक्सपर्ट व टेक्निकल कमेटी की राय लेगी। शनिवार को उक्त कमेटी के सदस्य सुखरो पुल का निरीक्षण करेगी। अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि पुल की प्रारंभिक मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। अन्य कार्य कमेटी के सुझाव के बाद किए जाएंगे। पुल धंसने की सूचना मिलने पर लोनिवि के अधीक्षण अभियंता बीएस बृजवाल ने मोटर पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मोटर पुल से ऊपर का भूभाग लैंसडौन वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र में पड़ता है। बृहस्पतिवार को भी एक बार नदी में जेसीबी उतारकर पानी का बहाव डायवर्ट करने का प्रयास किया गया था, लेकिन तब वन विभाग ने बिना अनुमति कार्य करने से रोक दिया था।