फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Nimchaud bridge sank two inches due to erosion in Sukhro river

सुखरो नदी में कटाव से नींबूचौड़ पुल दो इंच धंसा

Fri, 02 Sep 2022 11:30 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2022 11:30 PM IST
विज्ञापन
Nimchaud bridge sank two inches due to erosion in Sukhro river
नींबूचौड़ का सुखरो पुल अनियोजित व अवैध खनन की भेंट चढ़ गया है। पिलर के नीचे हुए कटाव से पुल करीब दो इंच धंस गया है। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन व लोनिवि के अधिकारियों ने पुल पर आवाजाही रोक दी है। लोनिवि ने नदी के पानी को डायवर्ट कर पुल के पिलर की मरम्मत शुरू कर दी है। खनन के कारण हुए कटाव से मोटर पुल के अन्य पिलरों पर भी खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार रात बारिश से उफनाई सुखरो नदी में बने 385 मीटर स्पान के नींबूचौड़ मोटर पुल का एक पिलर धंस गया। पिलर धंसते ही पुल भी दो इंच नीचे हो गया।
एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि घटनाक्रम की जानकारी जिलाधिकारी पौड़ी को दी गई है। पुल पर दीवार बनाकर ट्रैफिक रोक दिया गया है। भाबर के गांवों के साथ ही लालढांग और हरिद्वार की ओर चलने वाले वाहन पुल के ठीक होने तक कौड़िया-बीईएल पुल होते हुए मोटाढांक से आवाजाही करेंगे।
विज्ञापन

नींबूचौड़ की पार्षद गीता नेगी समेत क्षेत्र के नागरिकों ने पुल के धंसने की वजह लोक निर्माण विभाग की लचर कार्यशैली व उदासीनता बताई। कहा कि दो साल से पुल पर खतरा मंडरा रहा है, समय रहते इस ओर ध्यान दिया जाता तो यह नौबत नहीं आती।
विज्ञापन
विज्ञापन

लोनिवि के अधिकारी पुल के धंसने का कारण पुल के अपरस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में 300 मीटर तक हुए गहरे खुदाई और अवैध खनन को बता रहे हैं।
अधिशासी अभियंता डीपी सिंह का कहना है कि उनके पूर्वाधिकारी साल 2020 से लगातार पुल के आसपास अवैध खनन को रोकने के लिए पत्राचार कर रहे थे।
-------------------
एक्सपर्ट व टेक्निकल टीम कल करेगी निरीक्षण
कोटद्वार। लोक निर्माण विभाग सुखरो पुल के धंसाव पर एक्सपर्ट व टेक्निकल कमेटी की राय लेगी। शनिवार को उक्त कमेटी के सदस्य सुखरो पुल का निरीक्षण करेगी। अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने बताया कि पुल की प्रारंभिक मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। अन्य कार्य कमेटी के सुझाव के बाद किए जाएंगे। पुल धंसने की सूचना मिलने पर लोनिवि के अधीक्षण अभियंता बीएस बृजवाल ने मोटर पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि मोटर पुल से ऊपर का भूभाग लैंसडौन वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र में पड़ता है। बृहस्पतिवार को भी एक बार नदी में जेसीबी उतारकर पानी का बहाव डायवर्ट करने का प्रयास किया गया था, लेकिन तब वन विभाग ने बिना अनुमति कार्य करने से रोक दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed