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चार नेपाली बाल मजदूर भेजे वापस
श्रीनगर
Updated Tue, 08 Dec 2015 08:52 PM IST
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नेपाल से आए चार बाल मजदूरों को वापस भेज दिया गया है। इन बाल मजदूरों की उम्र 14 वर्ष से कम थी व इनके अभिभावक भी इनके साथ नहीं थे।
सोमवार देर शाम नेपाल से बड़ी संख्या में आए मजदूरों को पुलिस कोतवाली ले आई थी। इन मजदूरों में 11 बाल मजदूरों की उम्र 14 वर्ष से कम थी। इनमें से चार बच्चे ऐसे थे जिनके अभिभावक साथ में नहीं थे। जबकि अन्य अपने पिता, भाई या चाचा के साथ आए थे। गढ़वाल विवि के शोध छात्र नवीन नौटियाल व मनीष भारद्वाज ने तत्परता दिखाते हुए नेपाल दूतावास से संबंध में दूरभाष पर शिकायत दर्ज कराई थी। दूतावास के अधिकारियों ने बाल मजूदरों के संबंध में सूचना मंगवाई। नौटियाल ने बताया कि सोमवार देर रात प्रेम बहादुर नामक नेपाली मजदूर को इन चार बच्चों को नेपाल वापस छोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रेम बहादुर को नेपाल स्थित बच्चों के गांवों से परिजनों के साथ ही ग्राम प्रधान से बच्चों को सकुशल घर छोड़े जाने की लिखित सूचना लानी होगी। एसएसआई प्रवीण कोश्यारी ने कहा कि बिना अभिभावक के आए बच्चों को वापस भेज दिया गया है।
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सोमवार देर शाम नेपाल से बड़ी संख्या में आए मजदूरों को पुलिस कोतवाली ले आई थी। इन मजदूरों में 11 बाल मजदूरों की उम्र 14 वर्ष से कम थी। इनमें से चार बच्चे ऐसे थे जिनके अभिभावक साथ में नहीं थे। जबकि अन्य अपने पिता, भाई या चाचा के साथ आए थे। गढ़वाल विवि के शोध छात्र नवीन नौटियाल व मनीष भारद्वाज ने तत्परता दिखाते हुए नेपाल दूतावास से संबंध में दूरभाष पर शिकायत दर्ज कराई थी। दूतावास के अधिकारियों ने बाल मजूदरों के संबंध में सूचना मंगवाई। नौटियाल ने बताया कि सोमवार देर रात प्रेम बहादुर नामक नेपाली मजदूर को इन चार बच्चों को नेपाल वापस छोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रेम बहादुर को नेपाल स्थित बच्चों के गांवों से परिजनों के साथ ही ग्राम प्रधान से बच्चों को सकुशल घर छोड़े जाने की लिखित सूचना लानी होगी। एसएसआई प्रवीण कोश्यारी ने कहा कि बिना अभिभावक के आए बच्चों को वापस भेज दिया गया है।