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नरेणी मेरी दुर्गा भवानी, हे जगदंबा मेरी दुर्गा भवानी..
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कोटद्वार के प्रसिद्ध श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव में आयोजित गढ़वाली भजन संध्या में भजनों की प्रस
- फोटो : KOTDWAR
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सिद्धपीठ श्री सिद्धबली महोत्सव की गढ़वाली भजन संध्या लोक गायक प्रीतम भरतवाण के नाम रही। प्रीतम के जागरों का जादू श्रद्धालुओं के सिर चढ़ कर बोला, देर शाम तक श्रद्धालु जागर और भजनों की प्रस्तुतियों पर झूमते रहे।
शनिवार शाम को गढ़वाली भजन संध्या का शुभारंभ प्रीतम भरतवाण ने ढोल दमाऊं की धुन पर माता की डोली के साथ शुभ संध्या से किया। इसके बाद उन्होंने अपने परिचित अंदाज में शिवजी कैलाश रैंदिना.. जागरों की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने खुद ढोल संभालते हुए माता का जागर नारेणी मेरी दुर्गा भवानी, हे जगदंबा मेरी दुर्गा भवानी.. की प्रस्तुति दी। जिससे अनेक लोगों पर माता अवतरित होकर नाचने लगी। उन्होंने अपने जागर से देवताओं को शांत किया। उन्होंने मेरो हेमवंती देेश.., जै माया जै माया.., मोहना तेरी मुरुलि बाजी.., सुरलि मेरू जिला लगी गे.., कलांद्रा जागर.. की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया। उनके गीत शिवजी कैलाश रैंदिना.., मोरी रख्यां खोली.., बांद अमरावती.., नौछंमी नारैंण.., ब्लाक माला पंवाडा.., सीता पाणिकु जांदी.., गडी माला.., सुंदरा छोरी.. आदि गीतों पर कलाकारों ने आकर्षक नृत्यों की प्रस्तुति देकर महोत्सव में समा बांधा। देर शाम तक श्रद्धालु प्रीतम भरतवाण के भजनों पर झूमते रहे।
इस अवसर पर टीम मैनेजर राय सिंह, संगीतकार सुरेंद्र कोहली, ढोलक पर प्रदीप, तबला पर सुमित, बांसुरी पर रुकमेश नौटियाल और पैड पर गोविंद शर्मा ने संगत दी। संचालन अनिल गोदियाल ने किया।
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बाबा के दर्शनों को लगा श्रद्धालुओं को तांता
सिद्धबली महोत्सव के दूसरे दिन बाबा के दर्शनों को हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। लोगों ने लाईन पर लगकर बाबा के दर्शन किए और मन्नतें मांगी। मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंजबिहारी देवरानी ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन सुबह आठ बजे से ही कोटद्वार, भाबर, पर्वतीय क्षेत्रों के अलावा, दिल्ली, हरियाणा, मेरठ, नोएडा, बिजनौर, हापुड़, बरेली, चंडीगढ़, देहरादून, नैनीताल, रुद्रपुर, हल्द्वानी आदि क्षेत्रों के श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। दोपहर बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीडब्लूडी कालोनी से मंदिर परिसर तक पूरा मार्ग श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। महोत्सव के संयोजक और प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल कंसल की ओर से आयोजित भंडारे के दूसरे दिन प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की 200 मीटर तक लाइन लगी रही।
झांकी प्रतियोगिता में शिवपुर कीर्तन मंडली प्रथम
मंदिर समिति की ओर से महोत्सव के पहले दिन निकाली गई बाबा की शोभा यात्रा में विभिन्न कीर्तन मंडलियों की झांकी की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। जिसमें निर्णायकों द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर जगदंबा कीर्तन मंडली शिवपुर प्रथम, शिव शक्ति कीर्तन मंडली लालपानी द्वितीय, भावना कीर्तन मंडली लालपानी तृतीय और हरिओम कीर्तन मंडली जौनपुर ने चौथा स्थान प्राप्त किया।
महोत्सव में आज के कार्यक्रम।
पिंडी महाभिषेक सुबह 05 बजे।
एकादश कुंडीय यज्ञ सुबह 07 बजे।
गढ़वाली जागर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक।
सवामन रोट का प्रसाद वितरण दोपहर 12 बजे।
हिंदी भजन संध्या अपराह्न 01 बजे से।
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शनिवार शाम को गढ़वाली भजन संध्या का शुभारंभ प्रीतम भरतवाण ने ढोल दमाऊं की धुन पर माता की डोली के साथ शुभ संध्या से किया। इसके बाद उन्होंने अपने परिचित अंदाज में शिवजी कैलाश रैंदिना.. जागरों की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने खुद ढोल संभालते हुए माता का जागर नारेणी मेरी दुर्गा भवानी, हे जगदंबा मेरी दुर्गा भवानी.. की प्रस्तुति दी। जिससे अनेक लोगों पर माता अवतरित होकर नाचने लगी। उन्होंने अपने जागर से देवताओं को शांत किया। उन्होंने मेरो हेमवंती देेश.., जै माया जै माया.., मोहना तेरी मुरुलि बाजी.., सुरलि मेरू जिला लगी गे.., कलांद्रा जागर.. की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया। उनके गीत शिवजी कैलाश रैंदिना.., मोरी रख्यां खोली.., बांद अमरावती.., नौछंमी नारैंण.., ब्लाक माला पंवाडा.., सीता पाणिकु जांदी.., गडी माला.., सुंदरा छोरी.. आदि गीतों पर कलाकारों ने आकर्षक नृत्यों की प्रस्तुति देकर महोत्सव में समा बांधा। देर शाम तक श्रद्धालु प्रीतम भरतवाण के भजनों पर झूमते रहे।
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इस अवसर पर टीम मैनेजर राय सिंह, संगीतकार सुरेंद्र कोहली, ढोलक पर प्रदीप, तबला पर सुमित, बांसुरी पर रुकमेश नौटियाल और पैड पर गोविंद शर्मा ने संगत दी। संचालन अनिल गोदियाल ने किया।
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बाबा के दर्शनों को लगा श्रद्धालुओं को तांता
सिद्धबली महोत्सव के दूसरे दिन बाबा के दर्शनों को हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। लोगों ने लाईन पर लगकर बाबा के दर्शन किए और मन्नतें मांगी। मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंजबिहारी देवरानी ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन सुबह आठ बजे से ही कोटद्वार, भाबर, पर्वतीय क्षेत्रों के अलावा, दिल्ली, हरियाणा, मेरठ, नोएडा, बिजनौर, हापुड़, बरेली, चंडीगढ़, देहरादून, नैनीताल, रुद्रपुर, हल्द्वानी आदि क्षेत्रों के श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। दोपहर बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीडब्लूडी कालोनी से मंदिर परिसर तक पूरा मार्ग श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। महोत्सव के संयोजक और प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल कंसल की ओर से आयोजित भंडारे के दूसरे दिन प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की 200 मीटर तक लाइन लगी रही।
झांकी प्रतियोगिता में शिवपुर कीर्तन मंडली प्रथम
मंदिर समिति की ओर से महोत्सव के पहले दिन निकाली गई बाबा की शोभा यात्रा में विभिन्न कीर्तन मंडलियों की झांकी की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। जिसमें निर्णायकों द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर जगदंबा कीर्तन मंडली शिवपुर प्रथम, शिव शक्ति कीर्तन मंडली लालपानी द्वितीय, भावना कीर्तन मंडली लालपानी तृतीय और हरिओम कीर्तन मंडली जौनपुर ने चौथा स्थान प्राप्त किया।
महोत्सव में आज के कार्यक्रम।
पिंडी महाभिषेक सुबह 05 बजे।
एकादश कुंडीय यज्ञ सुबह 07 बजे।
गढ़वाली जागर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक।
सवामन रोट का प्रसाद वितरण दोपहर 12 बजे।
हिंदी भजन संध्या अपराह्न 01 बजे से।