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Kotdwar News: 138 में से 100 से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब
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(अमर उजाला पड़ताल)
संवाद न्यूज एजेंसी
कण्वघाटी/कोटद्वार। भाबर के जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में सिडकुल की उदासीनता स्थानीय उद्यमियों, श्रमिकों और लोगों पर भारी पड़ रही है। सिडकुल की ओर से करोड़ों रुपये की लागत से लगाई गई 138 में से 100 से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। इससे इस औद्योगिक क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में अंधेरा पसरा रहता है। स्ट्रीट लाइटों के पोल पर पैनल के तार भी खुले छोड़ दिए गए हैं। इससे लोगों को करंट लगने का खतरा भी बना हुआ है।
सिडकुल के अधीन आने से पूर्व जशोधरपुर और बलभद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था के लिए उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम को करीब 3.45 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। निर्माण निगम ने अप्रैल 2016 में जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 138 स्ट्रीट लाइटें, दो हाई मास्ट लाइटें और बलभद्रपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 50 स्ट्रीट लाइटें लगाई।
दिसंबर, 2016 में ही जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में एक ट्रक ने बिजली के खंभे को टक्कर मार दी थी, जिससे स्ट्रीट लाइट का एक पोल हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया था। सभी लाइटों के इंटरलिंक होने के कारण स्ट्रीट लाइटों के आठ में से 6 पैनल खराब हो गए। काफी समय बाद सिडकुल प्रशासन ने इन लाइटों को ठीक तो करवाया, लेकिन 100 से अधिक लाइटें आज भी नहीं जल रही हैं।
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सिडकुल के बिजली ठेकेदार ने स्ट्रीट लाइटों के तारों को पोल के पैनल में टेप लगाकर खुला छोड़ दिया है। धूप से टेप तारों से अलग हो गई है। जिससे खंभों में करंट का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी अमित कुकरेती, राम मोहन, बुद्धिबल्लभ धूलिया, सुनील थपलियाल, गौरव कुकरेती, मनीष काला, शिशुपाल सिंह रावत, उमेंद्र बडोला, नागेंद्र ध्यानी, शुभम कुमार का कहना है कि इंडस्ट्रियल एरिया में अंधेरा पसरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कोट,,,,,,,,,,,,,,,
स्ट्रीट लाइटों में खराबी का मामला संज्ञान में है। भूमिगत लाइन होने के कारण कई जगह जलभराव व अन्य कारणों से लाइन में फाल्ट आया हुआ है। जल्द ही लाइन की जांच कर उसे ठीक करवाया जाएगा। -गणपति सिंह रावत, क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल
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संवाद न्यूज एजेंसी
कण्वघाटी/कोटद्वार। भाबर के जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में सिडकुल की उदासीनता स्थानीय उद्यमियों, श्रमिकों और लोगों पर भारी पड़ रही है। सिडकुल की ओर से करोड़ों रुपये की लागत से लगाई गई 138 में से 100 से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। इससे इस औद्योगिक क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में अंधेरा पसरा रहता है। स्ट्रीट लाइटों के पोल पर पैनल के तार भी खुले छोड़ दिए गए हैं। इससे लोगों को करंट लगने का खतरा भी बना हुआ है।
सिडकुल के अधीन आने से पूर्व जशोधरपुर और बलभद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था के लिए उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम को करीब 3.45 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। निर्माण निगम ने अप्रैल 2016 में जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 138 स्ट्रीट लाइटें, दो हाई मास्ट लाइटें और बलभद्रपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 50 स्ट्रीट लाइटें लगाई।
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दिसंबर, 2016 में ही जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में एक ट्रक ने बिजली के खंभे को टक्कर मार दी थी, जिससे स्ट्रीट लाइट का एक पोल हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया था। सभी लाइटों के इंटरलिंक होने के कारण स्ट्रीट लाइटों के आठ में से 6 पैनल खराब हो गए। काफी समय बाद सिडकुल प्रशासन ने इन लाइटों को ठीक तो करवाया, लेकिन 100 से अधिक लाइटें आज भी नहीं जल रही हैं।
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सिडकुल के बिजली ठेकेदार ने स्ट्रीट लाइटों के तारों को पोल के पैनल में टेप लगाकर खुला छोड़ दिया है। धूप से टेप तारों से अलग हो गई है। जिससे खंभों में करंट का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय निवासी अमित कुकरेती, राम मोहन, बुद्धिबल्लभ धूलिया, सुनील थपलियाल, गौरव कुकरेती, मनीष काला, शिशुपाल सिंह रावत, उमेंद्र बडोला, नागेंद्र ध्यानी, शुभम कुमार का कहना है कि इंडस्ट्रियल एरिया में अंधेरा पसरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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स्ट्रीट लाइटों में खराबी का मामला संज्ञान में है। भूमिगत लाइन होने के कारण कई जगह जलभराव व अन्य कारणों से लाइन में फाल्ट आया हुआ है। जल्द ही लाइन की जांच कर उसे ठीक करवाया जाएगा। -गणपति सिंह रावत, क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल