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मेरूवा में गुलदार पिंजरे में कैद
दुगड्डा/कोटद्वार।
Updated Fri, 10 Jun 2016 10:09 PM IST
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जुगरसैंण के मेरूवा गांव में वन विभाग के पिंजरे में कैद गुलदार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दुगड्डा ब्लाक के देवीखाल के निकट मेरूवा ग्राम में वृद्धा को शिकार बनाने वाला गुलदार बृहस्पतिवार की रात वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया है। इससे वन विभाग और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार को वन विभाग की टीम गुलदार को लेकर हरिद्वार के चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर ले गई। जांच में गुलदार के जबड़े के ऊपर-नीचे के दो दांत टूटे मिले। नर गुलदार की उम्र करीब सात साल आंकी गई है। वन विभाग ने अभी टीम को गांव में ही रोक दिया है। हालात सामान्य होने के बाद टीम वापस बुला ली जाएगी।
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दुगड्डा-पौड़ी नेशनल हाईवे-534 पर देवीखाल से करीब दो किमी की पैदल दूरी पर एक घाटी में स्थित मेरूवा ग्राम में बुधवार तड़के वृद्धा श्यामा देवी को गुलदार ने उनके घर के आंगन में मार गिराया था। घटना के बाद से मेरूवा समेत आसपास के गांवों में दहशत बनी हुई है। वन विभाग ने घटनास्थल पर पिंजड़ा लगाया था। बृहस्पतिवार की रात करीब दस बजे गुलदार पिंजरे में फंस गया। शुक्रवार सुबह पिंजरे को कोटद्वार लाया गया। यहां अज्ञात स्थान पर वन विभाग ने गुलदार का चिकित्सीय परीक्षण कराया, जिसमें उसके दो दांत टूटे मिले। डीएफओ नितिशमणि त्रिपाठी ने बताया कि गुलदार को हरिद्वार रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है।
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जुगरसैंण की प्रधान सुमित्रा देवी, पूर्व बीडीसी मेंबर माणिकलाल भदोला समेत सभी ग्रामीणों ने गुलदार के पकड़ में आने पर राहत की सांस ली है। वन अधिकारियों का कहना है कि गुलदार घटनास्थल पर लगाए गए पिजरे में कैद हुआ है, इसलिए यह माना जा रहा है कि वृद्धा को मार गिराने वाला यही गुलदार है। संभवत दांत टूटने के कारण वह शिकार नहीं कर पा रहा हो और भोजन की तलाश में बस्ती की ओर चला आया हो।
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गुलदार को पकड़ने वाली टीम में एसीएफ एमके बहुखंडी, रेंज अधिकारी दुगड्डा आरके बत्रा, रेंजर लैंसडौन जगपाल सिंह, वन दरोगा गजपाल सिंह राणा, यशपाल रावत, अनिल देवलियाल, वन आरक्षी चंडी प्रसाद, बलबीर गुसाईं, मनमोहन नेगी, इतेंद्र बड़थ्वाल शामिल थे।