फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Manju Ghosh festival starts in Srinagar.

मंजूघोष मेले में पहले दिन चढ़े 26 निशाण

Mon, 31 Oct 2016 10:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ श्रीनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ श्रीनगर Updated Mon, 31 Oct 2016 10:20 PM IST
विज्ञापन
Manju Ghosh festival starts in Srinagar.
मंजुघोषेश्वर महादेव में शुरू हुए मेंले में लगी भत्तो की भीड़ - फोटो : amar ujala.

देलचौरी के निकट कांडा गांव में आयोजित दो दिवसीय मंजूघोष मेले सोमवार को  विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने 26 निशाण (देव प्रतीक) मंदिर में चढ़ाए। मंगलवार को बड़ा कांडा आयोजित होगा। 

विज्ञापन


श्रीनगर से करीब 13 किलोमीटर दूर कांडा गांव में स्थित मंजूघोष महादेव, महाकाली और मंजूदेवी मंदिर में हर साल दीपावली के दूसरे दिन से दो दिवसीय मेला (बड़ा व छोटा कांडा) का आयोजन किया जाता है। इस मेले में दूर दराज से भारी संख्या में श्रद्धालु निशाण लेकर पहुंचते हैं। मंजुघोष मेला कांडा मेले के नाम से भी प्रसिद्ध है। पहले यहां पशुओं की बलि चढ़ाई जाती थी, लेकिन एक दशक पहले बलि प्रथा बंद हो गई।
विज्ञापन


अब यहां केवल निसाण चढ़ाए जाते हैं। सोमवार सुबह से ही मंदिर में देवी के दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। मंदिर समिति के अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद ने बताया कि पहले दिन मंदिर में 26 निशाण चढ़ाए गए हैं। वहीं मेले में सुरक्षा व्यवस्था सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सीओ राजन लाल आर्य, कोतवाल प्रवीण कोश्यारी पुलिस बल के साथ मेले में मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मंजूघोष की मान्यता
श्रीनगर।
मंजुघोष महादेव मंदिर कामदाह डांडा पर स्थित है। शिव पुराण के अनुसार इस पर्वत पर भगवान शंकर ने घोर तपस्या की थी। कामदेव ने उनकी तपस्या भंग करने के लिए फूलों के वाण चलाकर उनके अंदर कामशक्ति को जागृत किया था।


क्रोधित शंकर भगवान ने कामदेव को भष्म कर दिया था। तब से इस पर्वत का नाम कामदाह पर्वत पड़ा। जो कालांतर में कांडा हो गया। दूसरी कथा है कि मंजू नाम की एक अप्सरा ने यहां शक्ति प्राप्त करने के लिए भगवान शंकर की तपस्या की। उस पर श्रीनगर का राजा कोलासुर मोहित हो गया। जब वह अपने मकसद में सफल नहीं हुआ, तो उसने भैंसे का रुप धर ग्रामीणों पर हमला कर दिया। यह मंजू देवी को सहन नहीं हुआ। उसने महाकाली का रुप धर कोलासुर का वध कर दिया। उसी की याद में कांडा मेला मनाया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed