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टीबी पीड़िता को खुद दवा का प्रबंध करने का फरमान
श्रीनगर
Updated Mon, 18 Jan 2016 09:54 PM IST
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बेस अस्पताल में क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित 35 वर्षीय एक महिला को चिकित्सा कर्मियों ने दवाइयों का प्रबंध खुद करने का फरमान जारी कर दिया। अस्पताल से मिले इस फरमान से शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर महिला सड़क किनारे बैठ गई। बाद में एसडीएम रजा अब्बास स्वयं बेस अस्पताल गए और दवाइयों का प्रबंध करवाया।
चमोली जिले के खनौली गांव की एक महिला 16 दिसंबर 2015 से बेस अस्पताल में भर्ती हुई थी। उसके पति की पांच वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उसके सास-ससुर और माता-पिता नहीं हैं। घर में किसी सदस्य के नहीं होने से वह अपने 8 और 13 वर्षीय पुत्रों के साथ रह रही है। महिला के बेटे को भी टीबी हो गई है। लगभग छह माह पहले महिला का इलाज चला था। ठीक होने पर उसे घर भेज दिया गया, लेकिन वह दोबारा टीबी की चपेट में आ गई।
बीमारी से उसका वजन बहुत ही कम हो गया है और वह ठीक से चल भी नहीं पाती। इसके बावजूद सोमवार को अस्पताल की ओर से उसे बताया गया कि दवाइयां खत्म हो गई है। लिहाजा वह चमोली जिले से अपने दवाइयां ले आए। यह सुनकर महिला सड़क किनारे बैठ गई। सामाजिक कार्यकर्ता विभोर बहुगुणा सहित अन्य लोग महिला को वापस अस्पताल ले आए और मामले से एसडीएम को बताया।
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एसडीएम रजा अब्बास ने चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन से मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। तब जाकर महिला के लिए दवाई का प्रबंध हो पाया।
कोट-
महिला के लिए फिलहाल दवाइयों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अस्पताल में डॉट्स की दवाइयों का स्टाक खत्म हो गया था।- रजा अब्बास, एसडीएम श्रीनगर
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चमोली जिले के खनौली गांव की एक महिला 16 दिसंबर 2015 से बेस अस्पताल में भर्ती हुई थी। उसके पति की पांच वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उसके सास-ससुर और माता-पिता नहीं हैं। घर में किसी सदस्य के नहीं होने से वह अपने 8 और 13 वर्षीय पुत्रों के साथ रह रही है। महिला के बेटे को भी टीबी हो गई है। लगभग छह माह पहले महिला का इलाज चला था। ठीक होने पर उसे घर भेज दिया गया, लेकिन वह दोबारा टीबी की चपेट में आ गई।
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बीमारी से उसका वजन बहुत ही कम हो गया है और वह ठीक से चल भी नहीं पाती। इसके बावजूद सोमवार को अस्पताल की ओर से उसे बताया गया कि दवाइयां खत्म हो गई है। लिहाजा वह चमोली जिले से अपने दवाइयां ले आए। यह सुनकर महिला सड़क किनारे बैठ गई। सामाजिक कार्यकर्ता विभोर बहुगुणा सहित अन्य लोग महिला को वापस अस्पताल ले आए और मामले से एसडीएम को बताया।
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एसडीएम रजा अब्बास ने चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन से मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। तब जाकर महिला के लिए दवाई का प्रबंध हो पाया।
कोट-
महिला के लिए फिलहाल दवाइयों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अस्पताल में डॉट्स की दवाइयों का स्टाक खत्म हो गया था।- रजा अब्बास, एसडीएम श्रीनगर