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मलेथा में शांति भंग का मामला, 29 ने भरे मुचलके
कीर्तिनगर
Updated Tue, 05 Jan 2016 06:41 PM IST
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क्रशरों के विरोध की लड़ाई लड़ रहे मलेथा गांव के ग्रामीणों की शांति भंग के मामले में एसडीएम कोर्ट में पेशी हुई। न्यायालय के आदेश पर दोनों पक्षों के 29 लोगों ने मुचलके भरे। सिर्फ आंदोलनकारी समीर रतूड़ी ने मुचलका भरने से मना कर दिया। उन्होंने इस मामले में उन्हें झूठा फंसाने का आरोप लगाया। अब सुनवाई के लिए न्यायालय ने 19 जनवरी को तिथि तय की है।
21 दिसंबर की रात को मलेथा गांव के दो पक्ष शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे थे। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गांव में शांति भंग करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के 15-15 लोगों का शांति भंग में चालान कर 23 दिसंबर को रिपोर्ट एसडीएम कोर्ट को भेज दी थी। रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने संबंधित लोगों को समन भेजते हुए मंगलवार को उपस्थित होने के आदेश दिए थे।
मंगलवार को 29 लोगों ने न्यायालय में मुचलके भरे। रतूड़ी ने यह कहकर मुचलका भरने से इंकार कर दिया कि वह लंबे समय से यात्रा में निकले हुए हैं। इसकी एलआईयू रिपोर्ट से भी पुष्टि हो सकती है। ऐसे में मलेथा में कैसे शांति भंग कर सकते हैं। जबकि 21 दिसंबर को वह कोतवाली में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे थे।
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21 दिसंबर की रात को मलेथा गांव के दो पक्ष शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे थे। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गांव में शांति भंग करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के 15-15 लोगों का शांति भंग में चालान कर 23 दिसंबर को रिपोर्ट एसडीएम कोर्ट को भेज दी थी। रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने संबंधित लोगों को समन भेजते हुए मंगलवार को उपस्थित होने के आदेश दिए थे।
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मंगलवार को 29 लोगों ने न्यायालय में मुचलके भरे। रतूड़ी ने यह कहकर मुचलका भरने से इंकार कर दिया कि वह लंबे समय से यात्रा में निकले हुए हैं। इसकी एलआईयू रिपोर्ट से भी पुष्टि हो सकती है। ऐसे में मलेथा में कैसे शांति भंग कर सकते हैं। जबकि 21 दिसंबर को वह कोतवाली में ग्रामीणों को समर्थन देने पहुंचे थे।
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