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लैपटॉप खराब होने पर 10 हजार का जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, पौड़ी।
Updated Fri, 16 Sep 2016 10:29 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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खराब लैपटॉप को ठीक न करने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने निर्माता कंपनी एचपी इंडिया पर दस हजार का जुर्माना लगाया है। साथ ही विक्रेता को लैपटॉप का मूल्य 43 हजार रुपये ग्राहक को वापस करने का आदेश दिया है।
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पौड़ी निवासी निशा बिष्ट ने जून 2015 में देहरादून के यश इन्फोटेक से 43 हजार रुपये में एचपी कंपनी का लैपटॉप खरीदा था। उसे बताया गया कि एक वर्ष की वारंटी अवधि में कोई भी खराबी आती है तो कंपनी का कर्मचारी स्वयं आकर इस कमी को दूर करेगा, लेकिन निशा के लैपटॉप में अगले ही माह ब्लू टुथ से संबंधित खराबी आ गई।
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इस पर विक्रेता यश इन्फोटेक ने इस खराबी को दूर कर दिया। अगले माह लैपटॉप के स्पीकर में खराबी आ गई। इस बाबत जब निशा ने विक्रेता से संपर्क किया तो उसे कंपनी में बात करने की सलाह दी गई। जिस पर उसने अपना लैपटॉप कंपनी के सर्विस सेंटर देहरादून भिजवाया।
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दो दिन में सर्विस सेंटर से उसका लैपटॉप वापस आ गया, लेकिन उसमें आई खराबी दूर नहीं हुई। इसके बाद निशा ने बिल में दिए नंबरों पर कई संपर्क किया, लेकिन कंपनी के कर्मचारी बार-बार टालमटोल करते रहे। इस पर निशा ने विक्रेता यश इन्फोटेक को नोटिस भेजा। जिसके बाद भी उसकी समस्या दूर नहीं हुई तो उसने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया।
जिला उपभोक्ता फोरम ने मामले को देखते हुए विक्रेता व निर्माता कंपनी एचपी को नोटिस भेजा। विक्रेता यश इन्फोटेक द्वारा अपने जवाब में कहा गया कि लैपटॉप सही हालत में बेचा गया था। यदि उसमें खराबी आई है व कंपनी द्वारा उसे ठीक नहीं किया गया है तो इसके लिए कंपनी जिम्मेदार है, लेकिन उपभोक्ता फोरम ने उसकी दलील को न मानते हुए ग्राहक के 43 हजार लौटाने व लैपटॉप जिस भी स्थिति में हो, वापस लेने का आदेश दिया। निर्माता कंपनी की खराब सेवाओं के लिए दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।