फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Lansdowne also demanded to be freed from the cantonment administration

सैन्य क्षेत्र योल छावनी बोर्ड से अलग करने का किया स्वागत

Wed, 11 Dec 2019 09:36 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 11 Dec 2019 09:36 PM IST
विज्ञापन
Lansdowne also demanded to be freed from the cantonment administration
हिमाचल में धर्मशाला से सटे सैन्य क्षेत्र योल को छावनी प्रशासन के दायरे से मुक्त करने के रक्षा मंत्रालय के निर्णय का नगरवासियों ने स्वागत करते हुए लैंसडौन छावनी को भी छावनी प्रशासन से मुक्त करने की मांग की है। मांग को लेकर नगरवासियों ने रक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।
विज्ञापन

बुधवार को छावनी बोर्ड के सदस्य राजेश ध्यानी, इंद्रा रावत, पूर्व सदस्य महिपाल रावत, सामाजिक कार्यकर्ता संजय कन्नौजिया ने रक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में उन्होंने योल छावनी क्षेत्र की भांति लैंसडौन को भी छावनी प्रशासन के दायरे से अलग करने की वकालत की। कहा कि लैंसडौन ओर योल के लोग लंबे समय से अपने-अपने क्षेत्रों को छावनी प्रशासन से मुक्त कराने की मांग करते आ रहे थे। रक्षा मंत्रालय ने जनता की वर्षों पुरानी मांग पर योल को छावनी बोर्ड से अलग कर दिया है। इससे वहां के लोगों की मुराद पूरी हो गई है। अब रक्षा मंत्रालय को लैंसडौन को छावनी बोर्ड से अलग कर यहां के वाशिंदों के साथ भी न्याय करना चाहिए। कहा कि कड़े छावनी कानूनों के चलते छावनी के लोग पिछले 130 सालों से अन्याय व शोषण के शिकार हो रहे हैं और राष्ट्र की मुख्य धारा से अलग-थलग पड़े हुए हैं। लैंसडौन छावनी के लोग भी वर्षों से नगर को छावनी बोर्ड से अलग करने की मांग करते आ रहे हैं, ताकि उनकी परेशानियां दूर हो सकें। और राज्य व केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लें सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed