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केंद्रीय विद्यालय की राह में फंसा भूमि का पेच, चयनित भूमि पर विवाद

Fri, 20 May 2022 09:39 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 09:39 PM IST
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Land stuck in the way of Kendriya Vidyalaya, dispute over selected land
कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय (केवि) खुलने की राह में जमीन का पेच फंस रहा है। तहसील प्रशासन की ओर से केंद्रीय विद्यालय के लिए भाबर के झंडीचौड़ में चयनित आठ एकड़ भूमि में से कुछ हिस्से को विवादित बताया गया है। कोटद्वार केवि के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त लैंसडौन केवि की प्राचार्य उर्मिला आर्य ने गढ़वाल मंडलायुक्त को पत्र भेजकर चयनित जमीन का सीमांकन कराने का अनुरोध किया है। मामले में मंडलायुक्त की ओर से डीएम को चयनित भूमि के सीमांकन कराने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूड़ी भूषण के प्रयास से बीते माह कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से प्रदान की गई। इस मामले में केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से कोटद्वार में केवि की स्थापना के लिए लैंसडौन केंद्रीय विद्यालय की प्रधानाचार्य उर्मिला आर्य को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया और सीपीडब्लूडी को चयनित भूमि पर भवन निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारी ने बताया कि जब जिला पंचायत की चयनित भूमि की जानकारी तहसीलदार कोटद्वार से ली गई तो उन्होंने उक्त भूमि के कुछ हिस्से को विवादित बताया। उक्त भूमि के बारे में अब गढ़वाल मंडलायुक्त को पत्र लिखा है, जिसमें मंडलायुक्त ने डीएम को उक्त आठ एकड़ भूमि का सीमांकन के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन को अब जिला प्रशासन के दिशा निर्देश का इंतजार है।
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