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कोटद्वार: डबल बैलेट पेपर होने से धीमी गति से चला मतदान, वोटर परेशान

Thu, 23 Jan 2025 11:11 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2025 11:11 PM IST
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Kotdwar: Voting went slow due to double ballot paper, voters upset

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कोटद्वार। नगर निगम कोटद्वार के मेयर और पार्षद पदों के लिए बृहस्पतिवार को हुए चुनाव में मतदान की धीमी गति से मतदाता परेशान रहे। सुबह ठीक आठ बजे मतदान शुरू हो गया था। पहले के दो घंटे में केवल दस प्रतिशत ही मतदान हुआ। दस बजे के बाद पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की संख्या बढ़ी। देखते ही देखते शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों के पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की कतार लग गई। जीजीआईसी कलालघाटी, घमंडपुर, लालपुर, पदमपुर सुखरो, सिगड्डी और झंडीचौड़ समेत कई बूथों पर मतदान धीमी गति से चला। इस कारण मतदाताओं को कई घंटे लाइन पर लगना पड़ा। शाम 4:00 बजे तक नगर निगम क्षेत्र में केवल 43.59 फीसदी मतदान हुआ।कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में सुबह आठ से दस बजे के बीच दस फीसदी मतदान हुआ। दिन में 12:00 बजे तक 23 प्रतिशत, 2:00 बजे तक 32 प्रतिशत और शाम 4:00 बजे तक 43.59 प्रतिशत मतदान हुआ। धीमी गति से चले मतदान के कारण वोटर मतदाता रहे। कई पोलिंग बूथों में लंबी लाइन लगने और मतदान प्रक्रिया में अधिक समय लगने से महिलाएं बिना वोट डाले ही लौट गई। घमंडपुर, कलालघाटी समेत कई मतदान स्थलों पर शाम पांच बजे तक लंबी कतारें लगी रही। धीमी गति से हो रहे मतदान का कारण पीठासीन अधिकारियों ने डबल बैलेट पेपर होना बताया। कहा कि मेयर और पार्षद पद के मतपत्र को लेकर मतदाताओं में असमंजस भी बना रहा। मतदान कर्मियों को हर एक वोटर को समझाने में भी समय लग रहा था।



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सीनियर सिटीजन, दिव्यांगों और बीमारों के लिए नहीं थी अलग से कोई व्यवस्था



नगर निगम के चुनाव के दौरान प्रशासन की ओर से सीनियर सिटीजन, दिव्यांगों और बीमारों के मतदान के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। बूथों पर मतदान के लिए महिला, पुरुष व सीनियर सिटीजन की तीन लाइनें लगाई गई थीं। जिससे मतदान के लिए सीनियर सिटीजन, दिव्यांगों और बीमारों को भी अपनी लाइन में लगकर मतदान करने के लिए मजबूर होना पड़ा। नगर निगम चुनाव के लिए एनएसएस व अन्य स्वयंसेवक भी तैनात नहीं किए गए थे। जिससे ऐसे मतदाताओं के परिजनों को आसपास के लोगों के सहयोग से उन्हें बूथ तक लाना और ले जाना पड़ा। चलने में असमर्थ कई लोग ई रिक्शा कर बूथों तक पहुंचे।
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तीन किमी तक दूर बने थे पोलिंग बूथ, लोग रहे परेशान

कण्वघाटी। वार्ड नंबर 35 त्रिलोकपुर में शामिल श्रीरामपुर और रामदयालपुर के मतदाताओं को तीन किमी दूर जीजीआईसी कलालघाटी तक पैदल दूरी नापनी पड़ी। श्रीरामपुर निवासी कुबेर जलाल और आनंद सिंह मेहरा का कहना है कि विधानसभा चुनाव में पोलिंग बूथ नजदीक पड़ता है, लेकिन नगर निगम के चुनाव के लिए 3 किमी दूर वोट डालने जाना पड़ता है। बुजुर्ग, बीमार और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। चुनाव के दिन सार्वजनिक वाहन भी नहीं चलते। इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए।
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