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कोटद्वार के रमन तोमर बने सेना के इंजीनियरिंग कोर में लेफ्टिनेंट
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कोटद्वार के रमन सिंह तोमर ने सेना के इंजीनियर कोर में लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। शनिवार को कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (सीएमई) पुणे से पास आउट होने के बाद रमन के सेना अधिकारी बनने पर परिवार में खुशी का माहौल है।
पदमपुर मोटाढांग के दुर्गापुरी निवासी रमन के पिता गोपाल सिंह तोमर मर्चेंट नेवी में मैरीन इंजीनियर हैं। उनकी माता आरती तोमर इंटर कालेज मोटाढांग में शिक्षक हैं और भाई प्रशांत तोमर बीटेक का छात्र है। रमन के पिता गोपाल सिंह ने बताया कि रमन का सपना आर्मी ऑफिसर बनने का था। उसकी प्राथमिक शिक्षा क्रेडल पब्लिक स्कूल निंबूचौड़ में हुई। इसके बाद उसने 12वीं डीएवी स्कूल कोटद्वार से की। वर्ष 2017 में उसने एनडीए की परीक्षा दी और पहली ही बार में परीक्षा और एसएसबी पास कर ली। उसका मन आर्मी इंजीनियर अधिकारी बनने का था। इसके लिए उसने उसी वर्ष आर्मी की टेक्निकल इंट्री स्कीम (टीईएस) की परीक्षा को भी पास किया और टीईएस के तहत आर्मी ज्वाइन करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि रमन का प्रारंभिक प्रशिक्षण ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) गया में हुआ। इसके बाद इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (सीएमई) पुणें में हुई। चार साल की ट्रेनिंग के बाद शनिवार 12 जून को रमन ने पासिंग आउट परेड में शामिल होने के बाद आर्मी के इंजीनियरिंग कोर में बतौर लेफ्टिनेंट का पद ग्रहण किया। कोरोना के कारण परिजनों के परेड में शामिल नहीं होने के कारण वे पुणे नहीं जा सके, जिसका उनको मलाल है। उन्होंने बेटे की ओर से फोन पर भेजी गई तस्वीरों से खुशी मनाई।
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पदमपुर मोटाढांग के दुर्गापुरी निवासी रमन के पिता गोपाल सिंह तोमर मर्चेंट नेवी में मैरीन इंजीनियर हैं। उनकी माता आरती तोमर इंटर कालेज मोटाढांग में शिक्षक हैं और भाई प्रशांत तोमर बीटेक का छात्र है। रमन के पिता गोपाल सिंह ने बताया कि रमन का सपना आर्मी ऑफिसर बनने का था। उसकी प्राथमिक शिक्षा क्रेडल पब्लिक स्कूल निंबूचौड़ में हुई। इसके बाद उसने 12वीं डीएवी स्कूल कोटद्वार से की। वर्ष 2017 में उसने एनडीए की परीक्षा दी और पहली ही बार में परीक्षा और एसएसबी पास कर ली। उसका मन आर्मी इंजीनियर अधिकारी बनने का था। इसके लिए उसने उसी वर्ष आर्मी की टेक्निकल इंट्री स्कीम (टीईएस) की परीक्षा को भी पास किया और टीईएस के तहत आर्मी ज्वाइन करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि रमन का प्रारंभिक प्रशिक्षण ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) गया में हुआ। इसके बाद इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग (सीएमई) पुणें में हुई। चार साल की ट्रेनिंग के बाद शनिवार 12 जून को रमन ने पासिंग आउट परेड में शामिल होने के बाद आर्मी के इंजीनियरिंग कोर में बतौर लेफ्टिनेंट का पद ग्रहण किया। कोरोना के कारण परिजनों के परेड में शामिल नहीं होने के कारण वे पुणे नहीं जा सके, जिसका उनको मलाल है। उन्होंने बेटे की ओर से फोन पर भेजी गई तस्वीरों से खुशी मनाई।
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