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रिखणीखाल के दूरस्त गांव खनेता वायरल बुखार की चपेट में
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खनेता गांव वायरल बुखार की चपेट में
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगाया गांव में स्वास्थ्य कैंप
50 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर बांटीं दवाइयां
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लाक के गांव खनेेता में मौसमी बुखार फैलने से पूरा गांव बीमारी की चपेट में आ गया है। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाया। स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराईं।
रविवार को समाजसेवी रमेश रावत की सूचना पर गांव में फैल रही बीमारी की रोकथाम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल के अंतर्गत राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय ढाबखाल के स्वास्थ्यकर्मी खनेता गांव पहुंचे। डा. हेमंत और फार्मेसिस्ट सुभाष कोटनाला ने स्वास्थ्य कर्मी रणवीर सिंह चौहान, मोहित रावत और आशा कार्यकर्ता गोदांबरी देवी की मदद से करीब 50 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। फार्मेसिस्ट सुभाष कोटनाला ने बताया कि गांव में अधिकतर लोग मौसमी बुखार से पीड़ित पाए गए। उनके स्वास्थ्य की जांच करने के बाद उन्हें निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
डा. हेमंत ने ग्रामीणों को मौसमी बुखार से बचने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि बरसात में कीटाणु फैलने का खतरा बना रहता है, इसलिए ग्रामीणों को पानी को उबालने के बाद पीना चाहिए। बरसाती पानी को बरतनों में जमा नहीं करना चाहिए। इसमें डेंगू बुखार के मच्छर पैदा होते हैं। मलेरिया के मच्छरों की रोकथाम के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से बासी भोजन का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी। स्वास्थ्य कैंप में समाजसेवी रमेश रावत, छवाण सिंह रावत, रमन सिंह, मोहन सिंह व विक्रम सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग किया।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगाया गांव में स्वास्थ्य कैंप
50 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर बांटीं दवाइयां
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लाक के गांव खनेेता में मौसमी बुखार फैलने से पूरा गांव बीमारी की चपेट में आ गया है। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाया। स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराईं।
रविवार को समाजसेवी रमेश रावत की सूचना पर गांव में फैल रही बीमारी की रोकथाम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल के अंतर्गत राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय ढाबखाल के स्वास्थ्यकर्मी खनेता गांव पहुंचे। डा. हेमंत और फार्मेसिस्ट सुभाष कोटनाला ने स्वास्थ्य कर्मी रणवीर सिंह चौहान, मोहित रावत और आशा कार्यकर्ता गोदांबरी देवी की मदद से करीब 50 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। फार्मेसिस्ट सुभाष कोटनाला ने बताया कि गांव में अधिकतर लोग मौसमी बुखार से पीड़ित पाए गए। उनके स्वास्थ्य की जांच करने के बाद उन्हें निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
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डा. हेमंत ने ग्रामीणों को मौसमी बुखार से बचने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि बरसात में कीटाणु फैलने का खतरा बना रहता है, इसलिए ग्रामीणों को पानी को उबालने के बाद पीना चाहिए। बरसाती पानी को बरतनों में जमा नहीं करना चाहिए। इसमें डेंगू बुखार के मच्छर पैदा होते हैं। मलेरिया के मच्छरों की रोकथाम के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से बासी भोजन का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी। स्वास्थ्य कैंप में समाजसेवी रमेश रावत, छवाण सिंह रावत, रमन सिंह, मोहन सिंह व विक्रम सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग किया।
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